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“हरिद्वार बना ‘बिजनेस हब’—मल्टी स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला में 10 से अधिक LOI साइन, गांव के उत्पादों को मिला राष्ट्रीय बाजार का रास्ता, किसानों-उद्यमियों और सहकारिताओं के लिए खुली तरक्की की नई राह!”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 09 अप्रैल 2026। ग्रामोत्थान-रीप परियोजना (UGVS-REAP) हरिद्वार की ओर से होटल गार्डेनिया में जनपद स्तरीय मल्टी स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को व्यवसायिक मंच प्रदान करना और उन्हें व्यापक बाजार से जोड़ना रहा। कार्यक्रम के दौरान 10 से अधिक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) पर हस्ताक्षर किए गए, जो स्थानीय उत्पादों के विपणन और विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के मार्गदर्शन में जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना द्वारा किया गया।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक नलिनीत घिण्डियाल, जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में सहकारिताओं, कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs), किसानों, उद्यमियों और निजी फर्मों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संस्थाओं—मेदान्स, मोक्षा, दीर्घायू, हिमशक्ति, टीसेन ऑर्गेनिक्स, ओजस एनिमल फीड, एफ-3 बायोटेक्नोलॉजी, जीवन अर्थ, जीवामित्रा, गो-हेम्प, देवभूमि

हैंडीक्राफ्ट एवं पतंजलि—ने अपने उत्पादों, विपणन रणनीतियों और तकनीकी सहयोग के विषय में विस्तृत जानकारी साझा की। इससे प्रतिभागियों को नए व्यापारिक अवसरों और साझेदारी के मॉडल समझने का अवसर मिला।

कार्यशाला की एक प्रमुख आकर्षण स्टॉल प्रदर्शनी रही, जहां हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों और अन्य स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।अधिकारियों और प्रतिभागियों ने इन उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता की सराहना की। इस पहल से स्थानीय कारीगरों और किसानों को सीधे बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी।

परियोजना निदेशक नलिनीत घिण्डियाल ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पहलें महिलाओं और सहकारिताओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और टीम के प्रयासों की सराहना की।कार्यक्रम का समापन जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना द्वारा अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान, उद्यमी, अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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