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“डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर जिला पंचायत हरिद्वार का सुपर स्वच्छता ऑपरेशन—संजय खंडूरी की टीम ने मोहनपुरी–बहादराबाद रूट से 4 क्विंटल प्लास्टिक उठाकर किया धमाकेदार कमाल!”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में स्वच्छता को लेकर प्रशासन द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अंतर्गत आज दिनांक 10 दिसंबर 2025 को जिला पंचायत की ओर से एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। यह अभियान विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण–अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।इस अभियान का नेतृत्व हरिद्वार जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी संजय खंडूरी ने किया। उनकी देखरेख में जिला पंचायत की टीमों ने सुबह से ही मोर्चा संभाल लिया तथा मोहनपुरी वाले स्थान के सामने से बहादराबाद की ओर जाने वाले ग्रामीण मार्ग के दोनों ओर फैले कूड़े-कचरे का व्यापक एकत्रीकरण कार्य शुरू किया। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण यह मार्ग प्रतिदिन भारी संख्या में स्थानीय निवासियों, किसानों, स्कूल जाने वाले बच्चों तथा वाहनों की आवाजाही का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में सड़क किनारे जमा हो रहा प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट न केवल क्षेत्र की सुंदरता को प्रभावित कर रहा था, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनता जा रहा था।

सुबह से शुरू हुआ सफाई अभियान – टीमों ने संभाली कमान

अभियान के तहत जिला पंचायत से जुड़े दर्जनों सफाई कर्मचारी, पर्यवेक्षक तथा मशीनरी स्थल पर पहुंची। टीमों ने सड़क किनारे झाड़ियों में फंसे प्लास्टिक बैग, गिलास, बोतलें, पॉलिथीन, मलवा तथा अन्य गैर–जैविक कचरे को एक–एक करके बाहर निकालना शुरू किया। कुछ स्थानों पर तो वर्षों से जमा पॉलिथीन की परतें मिलीं, जिन्हें हटाने में मजदूरों को खासा समय लगाना पड़ा।सफाई अभियान के दौरान टीमों ने न केवल कूड़ा उठाया, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को पॉलिथीन का कम उपयोग करने, कचरा निर्दिष्ट स्थान पर फेंकने और सफाई बनाए रखने का संदेश भी दिया। इस दौरान संजय खंडूरी स्वयं समय–समय पर विभिन्न बिंदुओं पर पहुंचकर कार्य का निरीक्षण करते रहे और कर्मचारियों को दिशा–निर्देश देते रहे।

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लगभग 4 क्विंटल पॉलिथीन का हुआ सुरक्षित निस्तारण

पूरे अभियान के दौरान लगभग 4 क्विंटल पॉलिथीन एवं प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया। जिले के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक का अनियंत्रित उपयोग और उसका अनुचित निस्तारण एक लगातार बढ़ती हुई समस्या है। एकत्रित किए गए कचरे को ट्रक एवं लोडर की सहायता से कम्पेक्टर शेड में पहुँचाया गया, जहां उसका वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण किया जाएगा।प्रशासन की यह पहल बताती है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों पर भी उतना ही ध्यान दिया जा रहा है जितना शहरी इलाकों पर। जिला पंचायत के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि आने वाले समय में लगातार ऐसे आयोजन किए जाएंगे ताकि हरिद्वार जिले को पॉलिथीन–मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

अपर मुख्य अधिकारी संजय खंडूरी ने दिए निर्देश — “स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं, जन आंदोलन बनना चाहिए”

अपर मुख्य अधिकारी संजय खंडूरी ने मौके पर मौजूद टीमों और ग्रामीणों से कहा कि स्वच्छता प्रशासन की जिम्मेदारी भर नहीं है, बल्कि इसमें जनता की भागीदारी सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति प्लास्टिक के उपयोग को कम कर दे और कचरे को निर्धारित स्थान पर डालना शुरू कर दे, तो पूरा क्षेत्र स्वच्छता का मॉडल बन सकता है।उन्होंने यह भी बताया कि जिला पंचायत ने कई स्थानों पर पॉलिथीन संग्रहण केंद्र बनाने, कचरा उठाने के लिए अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियानों को नियमित रूप से चलाने की तैयारी की है।

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ग्रामीणों ने किया स्वागत — “अब यह सड़क पहले से अधिक साफ और सुरक्षित दिखाई दे रही है”

स्थानीय ग्रामीणों ने जिला पंचायत के इस कदम का स्वागत किया। कई लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर फैली गंदगी से न केवल बदबू की समस्या थी, बल्कि पशुओं और राहगीरों के लिए भी खतरा बढ़ गया था। प्लास्टिक की वजह से नालियों के बंद होने और पानी भराव की समस्या भी आम हो रही थी। सफाई अभियान के बाद सड़क का स्वरूप पहले से अधिक साफ–सुथरा और व्यवस्थित दिखाई देने लगा है।कुछ किसानों ने बताया कि खेतों तक आने–जाने के दौरान पॉलिथीन उड़कर फसलों में चली जाती थी, जिससे मिट्टी की उपज क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ता था। अब जब यह कचरा हटा दिया गया है, तो खेतों को भी लाभ मिलेगा।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में स्वच्छता को नई गति

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अभियान के बारे में कहा कि जिला प्रशासन हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण–हितैषी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आने वाले समय में शहर ही नहीं, बल्कि सभी ग्रामीण मार्गों पर भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन जल्द ही पॉलिथीन–मुक्त हरिद्वार का लक्ष्य लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू करेगा।

स्वच्छता की दिशा में आगे बढ़ता हरिद्वार

पूरे अभियान ने यह संदेश दिया कि यदि प्रशासन, जिला पंचायत और जनता मिलकर काम करे, तो किसी भी क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है। हरिद्वार, जो धार्मिक नगरी होने के साथ देश–विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का केंद्र है, अब स्वच्छता के क्षेत्र में भी अग्रणी बनने की दिशा में लगातार बढ़ रहा है।यह विशेष सफाई अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वच्छ हरिद्वार की ओर बढ़ते कदमों की एक मजबूत कड़ी है। प्रशासन की ओर से ऐसे प्रयास जारी रहेंगे और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही हरिद्वार जिले को पॉलिथीन–मुक्त और स्वच्छ जनपद के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

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