(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में परिवहन विभाग के 112 नवचयनित आरक्षियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग पर सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता के उद्देश्य से दो प्रचार वाहनों को भी रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनके कठोर परिश्रम, अनुशासन और संकल्प का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि इसमें अभ्यर्थियों के परिवारजनों का सहयोग और आशीर्वाद भी शामिल है, जिनके त्याग के बिना यह संभव नहीं होता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन आरक्षी का पद अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये आरक्षी न केवल यात्री सेवाओं के संचालन, सड़क सुरक्षा की निगरानी, वाहन पंजीकरण और प्रदूषण नियंत्रण में भूमिका निभाएंगे, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व को भी निभाएंगे। उन्होंने नवचयनितों को अपनी जिम्मेदारियों को कर्तव्यनिष्ठा से निभाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘नई उत्तराखण्ड सड़क सुरक्षा नीति 2025’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति फरवरी 2025 से लागू की गई है।
इसके अंतर्गत सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं और लक्ष्य वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को 50% तक कम करना है।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की सख्त नीति को भी दोहराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत अब तक भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है और यह अभियान लगातार जारी है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत, अपर सचिव रीना जोशी सहित विभागीय अधिकारी एवं नवचयनित अभ्यर्थी मौजूद रहे


























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