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रुड़की के खंजरपुर में सांपों के ज़हर का काला कारोबार बेनक़ाब – गोदाम से 86 ज़हरीले सांपों की बरामदगी, जिनमें कोबरा और रसैल वाइपर भी शामिल, छापेमारी से पूरे क्षेत्र में मची सनसनी, अवैध तस्करी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

(शहजाद अली हरिद्वार) रूड़की।रुड़की के खंजरपुर क्षेत्र से एक सनसनीखेज़ खुलासा हुआ है। यहां अवैध रूप से सांपों के ज़हर के कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए वन विभाग की टीम ने छापेमारी की।

गोदाम से 86 ज़हरीले सांप बरामद किए गए, जिनमें खतरनाक प्रजातियों के कोबरा और रसैल वाइपर शामिल हैं। कार्रवाई पीएफए (पीपल फ़ॉर एनिमल्स) के गौरव गुप्ता की शिकायत पर की गई।सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गोदाम पर पहुंची और सांपों को कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, इस कारोबार का लाइसेंस लंबे समय पहले ही एक्सपायर हो चुका था। मौके पर गोदाम मालिक नहीं मिला, जिसके चलते उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बरामद सांपों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।हालांकि इस कार्रवाई के साथ ही वन विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता गौरव गुप्ता ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इतने बड़े स्तर पर अवैध कारोबार चल रहा था, लेकिन वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। उन्होंने अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता पर भी कड़ा सवाल खड़ा किया।सांपों का ज़हर देश-विदेश में दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों के लिए तस्करी किया जाता है।

ऐसे में इस गिरोह के पकड़ में आने से ज़हर माफिया के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल वन विभाग इस मामले की गहन जांच कर रहा है और गोदाम मालिक की तलाश जारी है।यह खुलासा न केवल तस्करों की चाल पर रोशनी डालता है, बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

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