(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत हरिद्वार पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में कोतवाली ज्वालापुर पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) की संयुक्त टीम ने एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रही थी। पुलिस ने इस मामले में महिला की मदद करने वाले एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया है।
जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल 2026 को सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस टीम ने वैष्णवी एन्क्लेव, रामानंद इंस्टीट्यूट के पास से एक संदिग्ध महिला को पकड़ा।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम “स्वीटी” बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसकी असल पहचान सहेला बेगम के रूप में सामने आई, जो बांग्लादेश के कुमीला जिले की निवासी है।
पुलिस के मुताबिक, सहेला बेगम वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आए श्यामदास नामक व्यक्ति के कहने पर भारत आई थी।
भारत में उसका वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वह अवैध रूप से दिल्ली में रह रही थी। बाद में वह श्यामदास के साथ हरिद्वार आ गई, जहां दोनों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए।
जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और मैरिज सर्टिफिकेट जैसे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज फर्जी तरीके से बनवा लिए थे।
पुलिस ने महिला के कब्जे से ये सभी फर्जी भारतीय दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके पास से बांग्लादेश मूल का पासपोर्ट और नेशनल आईडी कार्ड भी बरामद हुआ है, जिससे उसकी वास्तविक पहचान की पुष्टि हुई।
पुलिस ने इस मामले में श्यामदास निवासी बिलासपुर, छत्तीसगढ़ को भी गिरफ्तार किया है, जिसने महिला को शरण देने और फर्जी दस्तावेज बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
एसएसपी नवनीत सिंह ने इस कार्रवाई पर पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध रूप से रह रहे लोगों और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान में और तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी, उप निरीक्षक अंशुल अग्रवाल, महिला उप निरीक्षक सोनल रावत, कांस्टेबल मनोज डोभाल और देवेंद्र कुमार सहित LIU टीम के उप निरीक्षक सुरेश शाह और हेड कांस्टेबल मंशा राम की अहम भूमिका रही।
पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध घुसपैठ और दस्तावेज फर्जीवाड़े के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे ऐसे नेटवर्क पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।


























