न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: दिल्ली में सजी सियासी महफिल! रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने भोजपुरी सुपरस्टार एवं सांसद मनोज तिवारी से की मुलाकात, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा BIG BREAKING:: अंकिता हत्याकांड: उर्मिला सनावर को सीबीआई अदालत में पेश होने का समन BIG BREAKING:: देहरादून सचिवालय में महिला अधिकारी से छेड़छाड़ का आरोप, फेसबुक से शुरू हुई कहानी पहुंची हंगामे और मारपीट तक; आरोपी कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज BIG BREAKING:: राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा कायाकल्प, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे स्कूल; मुफ्त शिक्षा, बेहतर हॉस्टल और स्थायी शिक्षकों पर मुख्य सचिव का जोर BIG BREAKING:: देहरादून में सीएम धामी का बड़ा संदेश: डिग्रियों के साथ संस्कार भी जरूरी, डॉ. कलाम के सपनों से प्रेरित होकर आगे बढ़ें युवा! BIG BREAKING:: उत्तराखंड में हरियाली और रोजगार को मिलेगा नया विस्तार! ग्रीन इंडिया मिशन के लिए 559 करोड़ की कार्ययोजना, 2031 तक बदलेगी तस्वीर
Home » सम्मान » BIG BREAKING: शिक्षक दिवस पर बहादराबाद में सम्मान की गूंज, सेवानिवृत्त शिक्षकों समेत उत्कृष्ट शिक्षकों और विद्यालयों को मिला सम्मान

BIG BREAKING: शिक्षक दिवस पर बहादराबाद में सम्मान की गूंज, सेवानिवृत्त शिक्षकों समेत उत्कृष्ट शिक्षकों और विद्यालयों को मिला सम्मान

(शहजाद अली हरिद्वार)बहादराबाद। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन जनपद हरिद्वार की ओर से बहादराबाद में जनपद स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह एवं शैक्षिक गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ विभिन्न विकासखंडों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेवारत शिक्षकों एवं उत्कृष्ट विद्यालयों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर “वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की भूमिका एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की चुनौतियाँ” विषय पर शैक्षिक गोष्ठी भी आयोजित की गई।

ALSO READ  “शीला देवी इंटर कॉलेज डाडा पट्टी में प्रतिभाओं का महाकुंभ: मेधावी छात्र-छात्राओं पर बरसी सम्मान की बारिश, शिक्षा जगत की दिग्गज हस्तियां बनीं गवाह”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में शिक्षक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। तकनीकी एवं डिजिटल संसाधनों के बढ़ते प्रभाव के बीच शिक्षक को विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संस्कार, संवेदनशीलता, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करनी होगी। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक सम्मान वास्तव में शिक्षा और समाज के प्रति उनके योगदान का सम्मान है।

ALSO READ  BIG BREAKING:: 32 जांबाजों का सम्मान, खाकी का बढ़ा मान! अगस्त के ‘मैन ऑफ द मंथ’ बने पुलिस के 32 सितारे

विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उत्तराखण्ड की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में प्राथमिक शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्राथमिक स्तर पर बच्चे की शिक्षा की जो नींव शिक्षक तैयार करता है, वही आगे उसके व्यक्तित्व और भविष्य का आधार बनती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान तथा उन्हें बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सकारात्मक संवाद आवश्यक है। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों से अपने अनुभवों को नई पीढ़ी के शिक्षकों के साथ साझा करने का आह्वान किया।

ALSO READ  "सीएम पुष्कर सिंह धामी बोले – साहित्य और संस्कृति के संरक्षण को सरकार प्रतिबद्ध, उत्कृष्ट साहित्यकारों को मिलेगा सम्मान"

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक आदेश चौहान ने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद जिस समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहे हैं, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षक, अभिभावक और समाज के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

ALSO READ  देहरादून में सेवा के सितारों का संगम: डॉ. कुमार प्रशांत की पहल पर ‘आभार सम्मान समारोह’ में चमके डॉक्टर, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल बोले—ये हैं जिंदगी के असली रक्षक

मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार अमित चंद ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप बच्चों को रटने के बजाय समझने, सोचने, प्रश्न करने और सीखने के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षक नवाचार, तकनीक और स्थानीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक एवं प्रभावशाली बना सकते हैं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

खंड शिक्षा अधिकारी लक्सर विनोद कुमार ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल सम्मान प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि अपने दायित्वों के आत्ममंथन का भी दिन है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक यदि अपने विद्यालय और विद्यार्थियों के प्रति पूरी निष्ठा से कार्य करे तो शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने शिक्षकों से नियमित रूप से नवाचार करने तथा विद्यार्थियों की व्यक्तिगत क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

खंड शिक्षा अधिकारी खानपुर शाने करीम सिद्दीकी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षक की संवेदनशीलता, सतत सीखने की प्रवृत्ति और बच्चों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे तकनीक के दौर में आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए शिक्षक को भी स्वयं को समय के साथ अपडेट करते रहना होगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल ज्ञान देने का केंद्र नहीं, बल्कि बेहतर नागरिक तैयार करने का माध्यम भी है।

शैक्षिक गोष्ठी में वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों, विद्यार्थियों में सीखने की क्षमता विकसित करने, डिजिटल शिक्षा, नई शिक्षा नीति, विद्यालयों में नवाचार तथा शिक्षक की बदलती भूमिका पर विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों को आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण और सकारात्मक कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। समारोह में जनपद के सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित करने के साथ प्रत्येक विकासखंड से उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेवारत शिक्षकों एवं उत्कृष्ट विद्यालयों को भी सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने इस सम्मान को अपने लिए प्रेरणा और नई ऊर्जा का स्रोत बताया।

ALSO READ  “रुड़की में वरिष्ठ नागरिकों का भव्य वार्षिकोत्सव: मेयर अनीता अग्रवाल और सिमरन कौर की मौजूदगी में अनुभव, अधिकार और सम्मान का उत्सव”

कार्यक्रम में उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन जनपद हरिद्वार के अध्यक्ष अश्वनी चौहान,मंत्री हेमेन्द्र चौहान, कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा ने आयोजकों ने अतिथियों एवं सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक सम्मान समारोह का उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता के लिए सामूहिक चिंतन और बेहतर कार्ययोजना तैयार करना है। कार्यक्रम का संचालन वीर सिंह पंवार एवं हेमेंद्र चौहान ने संयुक्त रूप से किया। प्रवीण कुमार प्रविंद्र सैनी,अनुपम प्रसाद,योगेश राणा,सुभाष शर्मा, साधुराम निरोम चौधरी, बबलू अधाना,केहर सिंह,शरद शर्मा,सचिन नागर, सुमित चौहान,दिनेश बड़वाल, मोनिया,कीर्ति,हेमलता,दीपक,निशांत,पंकज चौहान, रविन्द्र अग्रवाल, राजीव शर्मा,अजय पुंडीर,अमीर आलम, शालिनी गोस्वामी, अश्वनी मुदगल, मुकेश चौहान,अशोक चौहान आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 9 4 8 6 9
Users Today : 343
Users Yesterday : 1035
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 9 4 8 6 9
Users Today : 343
Users Yesterday : 1035