(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। बहादराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत कासमपुर में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान के शैक्षिक प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। जांच के दौरान चुनाव में प्रस्तुत कक्षा-10 का प्रमाण पत्र सही नहीं पाया गया। इसके बाद हरिद्वार के विहित प्राधिकारी एवं उप जिलाधिकारी योगेश सिंह मेहरा की ओर से जारी पत्र में संबंधित प्रधान को अनर्ह घोषित किए जाने का उल्लेख किया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद पंचायत चुनाव और शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत राज अधिकारी के पत्र के आधार पर संबंधित शैक्षिक प्रमाण पत्र की जांच कराई गई थी। जांच में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर ने स्पष्ट किया कि प्रमाण पत्र पर दर्ज हाईस्कूल अनुक्रमांक 1604487058 परिषद के कार्यालय में पंजीकृत नहीं है। इसके साथ ही प्रमाण पत्र पर उल्लिखित काउंसिल ऑफ बोर्ड्स ऑफ स्कूल एजुकेशन इन इंडिया (COBSE) को मान्यता प्राप्त सूची में शामिल नहीं बताया गया। परिषद के अनुसार, उक्त संस्था को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की समकक्षता भी प्राप्त नहीं है।
मामले में महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल, पुणे से मिले जवाब का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, ग्राम प्रधान की ओर से चुनाव के दौरान प्रस्तुत कक्षा-10 का प्रमाण पत्र सही नहीं पाया गया। साथ ही, प्रमाण पत्र के समर्थन में पुष्ट साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
उत्तराखंड पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई
जारी पत्र में उत्तराखंड पंचायत राज अधिनियम, 2016 की धारा 8(5) का हवाला देते हुए संबंधित व्यक्ति को अनर्ह घोषित करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र की प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत), हरिद्वार को भी भेजी गई है।








































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