(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। जिला कार्यालय सभागार में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म (NCORD) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता ने की। बैठक में जनपद में मादक पदार्थों की रोकथाम, युवाओं एवं बच्चों को नशे से बचाने, नशामुक्ति उपचार सुविधाओं को मजबूत करने, अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई तथा जन-जागरूकता अभियान को गति देने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
बैठक में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, प्रभारी एनटीएफ हरिद्वार, ड्रग्स निरीक्षक, पुलिस विभाग, समाज कल्याण विभाग, खेल विभाग एवं कारागार विभाग से संबंधित कार्यवाही की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध रूप से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने शिक्षण संस्थानों (निजी एवं शासकीय) में अध्ययनरत बच्चों एवं युवाओं का मेडिकल टेस्ट कराए जाने के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं प्रभारी एनटीएफ हरिद्वार को आपसी समन्वय से आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने तथा 02 दिवस के भीतर रिपोर्ट सीईओ ऑपरेशन को प्रेषित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए जनपद स्तर पर कितने स्कूल एवं कॉलेजों को नशामुक्त परिसर घोषित किया गया है तथा कितने स्कूल-कॉलेजों को भविष्य के लिए चिन्हित किया गया है, इसकी जानकारी ली गई। जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने शिक्षा विभाग को तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जनपद में वर्तमान में स्थापित कुल मेडिकल स्टोरों की संख्या तथा उनमें से कितने मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और कितने में सीसीटीवी लगाया जाना शेष है, इसकी समीक्षा की गई। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग, ड्रग्स निरीक्षक एवं एनटीएफ को नियमित रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मादक पदार्थों के तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत वित्तीय जांच (Financial Investigation) किए जाने तथा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने पुलिस विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों तथा जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सामुदायिक भागीदारी बढ़ाते हुए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। संबंधित सभी विभागों को अपने-अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए ।
बैठक में दिनांक 01 जुलाई 2026 के बाद जनपद में स्थापित नशामुक्ति उपचार केंद्रों की संख्या तथा जिला स्तर पर नशामुक्ति की सुविधा किस प्रकार संचालित हो रही है, इसकी समीक्षा की गई। साथ ही जेल में नशामुक्ति सुविधाओं की स्थिति तथा नशामुक्ति केंद्रों के किए गए मासिक निरीक्षण की स्थिति की भी जानकारी ली गई। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं अधीक्षक कारागार को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले में नशे के प्रति जागरूकता के संबंध में आयोजित खेल एवं खेल प्रतियोगिताओं में दर्ज जनभागीदारी की भी समीक्षा की गई। युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़कर नशे से दूर रखने के लिए अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इस संबंध में खेल विभाग एवं समाज कल्याण विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ नशे के दुष्प्रभावों के प्रति बच्चों, युवाओं एवं आमजन को जागरूक करने के लिए निरंतर अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए प्रवर्तन कार्रवाई, जन-जागरूकता, शिक्षण संस्थानों की सहभागिता तथा नशामुक्ति उपचार सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक है। बैठक में दिए गए निर्देशों का संबंधित विभागों द्वारा समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। इस दौरान अस्सिटेंट डायरेक्टर आईबी सी पी नौटियाल,एसीएमओ डॉ अनिल वर्मा, डिप्टी एसपी संजय चौहान,डीईओ एक्साइज कैलाश बिनजोला,एसजीएसटी अस्सिटेंट कमिश्नर दीपक कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








































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