(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर उपायुक्त (लोक) वीरेन्द्र विष्ट के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न बाजारों में व्यापक अभियान चलाया।
इस दौरान सहायक आयुक्त महिमानंद जोशी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, कैलाश चंद्र टम्टा और पवन कुमार की टीम ने रोडवेज बस स्टैंड हरिद्वार और सेक्टर-4 स्थित सब्जी एवं फल मंडी में “फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” मोबाइल लैब के माध्यम से मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच की। अभियान के तहत पैक्ड पानी, खाद्य तेल और मसालों समेत कुल 33 खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की गई।
जांच के दौरान एक लेमन सोडा का नमूना बिना बैच नंबर के पाया गया, जिसे मिसब्रांडेड मानते हुए संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किया गया।
वहीं समोसे तलने में इस्तेमाल हो रहा सोयाबीन तेल मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिस पर लगभग 2 लीटर तेल को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
इसके अलावा तीन मसालों और एक खाद्य तेल का नमूना भी मानकों पर खरा नहीं उतरा। कार्रवाई करते हुए करीब 205 किलो धनिया पाउडर, 12 किलो लाल मिर्च पाउडर और 12 बोतल खाद्य तेल को बाजार से हटवा दिया गया।
संबंधित व्यापारियों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सप्लायर और निर्माताओं के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सके।
इससे पहले 7 और 8 अप्रैल को भी सेक्टर-2 और इकबालपुर क्षेत्र में जांच अभियान चलाया गया था, जिसमें 80 खाद्य नमूनों की जांच की गई थी।
इनमें से 12 नमूने मानकों के विपरीत पाए गए। कार्रवाई के तहत बड़ी मात्रा में मसाले, तेल, गुड़ और अन्य खाद्य पदार्थ बाजार से हटाए गए।
प्रशासन ने साफ किया है कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


























