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“सुमन नगर में सरकारी जमीन पर फिर नजर! वन भूमि और सिंचाई विभाग की संरक्षित पट्टी में अवैध रास्ता बनाने की कोशिश से हड़कंप”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। सुमन नगर-धनौरी नहर पटरी मार्ग पर स्थित उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की भूमि एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। आरोप है कि कुछ प्रॉपर्टी कारोबारियों द्वारा सरकारी एवं वन संरक्षित भूमि में अवैध रूप से रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है।

यह वही क्षेत्र है जिसे वन संरक्षण के उद्देश्य से संरक्षित पट्टी के रूप में विकसित किया गया है और जहां वन विभाग द्वारा वर्षों से पौधारोपण एवं हरित विकास कार्य किए जाते रहे हैं।

“सरकारी जमीन पर अवैध रास्ता बनाने की कोशिश ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।”

मौके पर लगाए गए विभागीय बोर्ड में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि यह भूमि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की संपत्ति है तथा यहां किसी भी प्रकार का निर्माण, कब्जा, अतिक्रमण या रास्ता निकालना कानूनन अपराध है।इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा निजी स्वार्थों के लिए भूमि को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पूर्व में सिंचाई विभाग, वन विभाग और प्रशासन संयुक्त रूप से कई बार इस अवैध मार्ग को बंद कर चुके हैं। बावजूद इसके, दोबारा उसी स्थान पर रास्ता बनाने की कोशिशें की जा रही हैं।

 “बार-बार कार्रवाई के बावजूद अवैध गतिविधियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।”

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग और सरकारी भूमि पर कब्जे की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। साथ ही वन विभाग द्वारा विकसित हरित पट्टी और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

चारधाम यात्रा, कांवड़ मेला और आगामी कुंभ-2027 की तैयारियों के बीच जिला प्रशासन पूरे जनपद में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहा है। ऐसे में सरकारी और वन भूमि पर अवैध रास्ता बनाने की कोशिश प्रशासन के लिए भी चुनौती बनती दिखाई दे रही है।

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 “अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।”

स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी, वन विभाग एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों से तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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