(शहजाद अली हरिद्वार) उत्तराखंड। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में 25वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में वित्तीय और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. बेहतर तालमेल और त्वरित कार्रवाई: बैंकों, कार्यान्वयन एजेंसियों और विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा वित्तीय अपराधों से संबंधित FIR, जांच, चार्जशीट और अनुपालन में तेजी लाने के निर्देश।
2. संस्थागत प्रयास: वित्तीय फ्रॉड रोकने के लिए बड़े और कारगर संस्थागत उपायों की आवश्यकता पर जोर।
3. जागरूकता और नियंत्रण: जन जागरूकता के साथ-साथ साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए सुदृढ़ निकाय की स्थापना।
4. EOW को स्वतंत्र एजेंसी बनाना: आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को CB-CID से अलग कर स्वतंत्र एजेंसी बनाने और STF की फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट (FFU) को इसमें विलय करने का निर्देश।
5. साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर: बैंक प्रतिनिधियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कर फ्रॉड वेबसाइट्स/पोर्टलों को तुरंत ब्लॉक करने की व्यवस्था।
6. नियमित निवेश पोर्टल: वित्तीय पूंजी प्राप्त करने वाली संस्थाओं का https://www.niyamitnivesh.in पर पंजीकरण अनिवार्य करने और बैंकों द्वारा नोडल अधिकारियों की नियुक्ति।
बैठक में सचिव श्री दिलीप जावलकर, महानिरीक्षक पुलिस श्री नीलेश आनंद भरणे, RBI के क्षेत्रीय निदेशक श्री अरविंद कुमार, महाप्रबंधक श्रीमती नीता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


























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