(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार।आज मुख्य विकास अधिकारी महोदया की अध्यक्षता में स्वच्छता की निरंतरता विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जनपद के छह विकासखंडों की 30 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और ग्राम स्तर पर कूड़ा प्रबंधन को सुदृढ़ करना रहा।
मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई:
- यूजर चार्ज की वसूली: प्रत्येक ग्राम पंचायत को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के 100% परिवारों से यूजर चार्ज एकत्र करें।
- कूड़े का स्रोत पृथकीकरण: प्रत्येक परिवार को गीले और सूखे कूड़े का अलग-अलग पृथकीकरण करने के लिए प्रेरित किया जाए।
- कूड़ा एकत्रीकरण स्थल: सभी एडीओ पंचायतों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कूड़ा एकत्र करने हेतु उपयुक्त स्थान चिन्हित करें।
- ग्राम स्वच्छता निधि: कूड़ा प्रबंधन हेतु एकत्र शुल्क को सुरक्षित रखने के लिए ग्राम पंचायतों को ‘ग्राम स्वच्छता निधि’ के नाम से पृथक खाता खोलने के निर्देश दिए गए।
- निरंतर कूड़ा परिवहन: प्रत्येक ग्राम पंचायत से सूखा कूड़ा निर्धारित रोस्टर के अनुसार विकासखंड कार्यालय द्वारा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तक पहुंचाया जाएगा।
- बेल्डा मॉडल को अपनाने पर जोर: ग्राम पंचायतों से आग्रह किया गया कि वे स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था प्रारंभ करें, जैसा कि बेल्डा मॉडल में किया गया है।

बैठक में के.एन. तिवारी (परियोजना निदेशक/प्रबंधक, डीआरडीए), अतुल प्रताप सिंह (जिला पंचायत राज अधिकारी), ए.एम.ए. (जिला पंचायत), समस्त खंड विकास अधिकारी, बीएमएम तथा एसबीएम के नोडल अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








































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