न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:SIR पर बड़ा अपडेट: प्रदेश में 94% अनमैप्ड-विसंगति वाले मतदाताओं की सुनवाई पूरी, फार्म 6, 7 और 8 के निस्तारण को एक सप्ताह की डेडलाइन BIG BREAKING:जन्माष्टमी से पहले खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन! 13 सैंपल लिए, Blinkit समेत ब्रेड-टोफू कंपनियों को नोटिस, दो मामलों में कोर्ट पहुंचा मामला BIG BREAKING:देहरादून समाधान दिवस में गूंजा जनता का दर्द! 87 शिकायतों पर प्रशासन सख्त, जमीन कब्जे से आर्थिक मदद तक अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के आदेश BIG BREAKING:राहुल गांधी के बयान पर भड़का भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, हरिद्वार में जोरदार प्रदर्शन कर फूंका पुतला BIG BREAKING:इब्राहिमपुर में प्रशासन का बड़ा एक्शन! प्राथमिक पाठशाला की जमीन से हटा अवैध कब्जा, अतिक्रमण मुक्त हुई सरकारी भूमि BIG BREAKING:सोशल मीडिया वीडियो पर हरिद्वार पुलिस का बड़ा प्रहार, सिडकुल में सड़क पर हुड़दंग मचाने वाले 9 आरोपी हिरासत में; महिला-पुरुष भी शामिल
Home » पत्र » “रवि बहादुर की मुख्यमंत्री को चिट्ठी: खेल परिसरों के नाम बदलने पर जनभावनाओं की रक्षा की मांग”

“रवि बहादुर की मुख्यमंत्री को चिट्ठी: खेल परिसरों के नाम बदलने पर जनभावनाओं की रक्षा की मांग”

(शहजाद अली हरिद्वार) हरिद्वार।उत्तराखंड में खेल परिसरों के नाम बदलने के प्रस्ताव को लेकर ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक इंजीनियर रवि बहादुर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। उन्होंने मांग की है कि राज्य के प्रमुख खेल परिसरों के नाम यथावत रखे जाएं, क्योंकि ये न केवल खिलाड़ियों की उपलब्धियों से जुड़े हैं, बल्कि राज्य की जनता की भावनाओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि सरकार द्वारा खेल परिसरों को नए नाम दिए जा रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है। हालांकि खेल विभाग का कहना है कि केवल सम्पूर्ण खेल परिसर को विशेष नाम दिया गया है, परंतु विधायक ने इसे भी जनभावनाओं के खिलाफ बताया है।

उन्होंने राज्य के प्रमुख खेल परिसरों के उदाहरण देते हुए कहा कि देहरादून का महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, हल्द्वानी का इंदिरा गांधी हॉकी ग्राउंड, रुद्रपुर का मनोज सरकार स्टेडियम और हरिद्वार का वंदना कटारिया हॉकी स्टेडियम ऐतिहासिक, राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से वंदना कटारिया का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वह एक दलित महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है और समाज के लिए प्रेरणा बनी हैं।

पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि इन परिसरों के नामों को बिना किसी बदलाव के यथावत रखा जाए और जनभावनाओं का सम्मान किया जाए। यह मुद्दा अब राज्य की राजनीति और खेलजगत में चर्चा का विषय बन गया है, जहां जनप्रतिनिधि और जनता राज्य की गौरवशाली विरासत को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।

ALSO READ  "9 अगस्त रक्षा बंधन को छोड़कर बाकी सभी सार्वजनिक अवकाशों में भी बिकेंगे जिला व क्षेत्र पंचायत चुनावों के नामांकन पत्र"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 4 7 3 5 4
Users Today : 1099
Users Yesterday : 1179
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 4 7 3 5 4
Users Today : 1099
Users Yesterday : 1179