(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े की पवित्र दशनामी छड़ी यात्रा का शुभारंभ गुरुवार को हरिद्वार स्थित माँ माया देवी मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के बाद जयघोष के बीच किया गया। छड़ी यात्रा का शुभारंभ जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, मेलाधिकारी सोनिका और अपर मेलाधिकारी दयानंद सहित जूना अखाड़े के साधु-संत मौजूद रहे।
यात्रा रवाना होने से पहले हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी माँ माया देवी मंदिर और भैरव मंदिर में पवित्र छड़ी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद धार्मिक जयघोष और श्रद्धा के वातावरण में छड़ी यात्रा को आगे के लिए रवाना किया गया। यात्रा में शामिल साधु-संतों ने उत्तराखंड के पौराणिक तीर्थ स्थलों की धार्मिक महत्ता को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
जूना अखाड़े के साधु-संतों द्वारा पिछले सात वर्षों से उत्तराखंड के चारों धाम और विभिन्न मंदिरों के भ्रमण के उद्देश्य से दशनामी छड़ी यात्रा निकाली जा रही है। इस वर्ष भी यात्रा प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों से होकर ओम पर्वत तक पहुंचेगी। यात्रा के माध्यम से उत्तराखंड की प्राचीन धार्मिक परंपराओं, आध्यात्मिक विरासत और तीर्थ स्थलों के महत्व को उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है।
तीर्थाटन को बढ़ावा देना यात्रा का प्रमुख उद्देश्य
पवित्र दशनामी छड़ी यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के पौराणिक तीर्थ स्थलों का विकास, धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को मजबूत कर पलायन की समस्या को रोकने की दिशा में भी प्रयास करना है।
जूना अखाड़े की यह धार्मिक पहल उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान को सशक्त बनाने के साथ ही राज्य के प्राचीन मंदिरों और तीर्थ स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यात्रा के जरिए श्रद्धालुओं को प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।








































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