(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत मैपिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा करीब 40 लाख रुपये कीमत का ड्रोन कैमरा आखिरकार 36 घंटे की तलाश के बाद मनसा देवी की पहाड़ियों में मिल गया। आईआईटी रुड़की से हरिद्वार लाए गए इस ड्रोन के अचानक लापता होने से अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई थी। काफी खोजबीन के बावजूद ड्रोन का पता नहीं चलने पर शहर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।
जानकारी के अनुसार, कुंभ मेले की तैयारियों के लिए मैपिंग का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान ड्रोन ने उड़ान भरी, लेकिन कुछ समय बाद वह अचानक लापता हो गया। ड्रोन की आखिरी लोकेशन उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में मिली थी। इसके बाद कर्मचारियों ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन शुरुआती प्रयास सफल नहीं हो सके।
करीब 36 घंटे तक ड्रोन का पता नहीं चलने पर उसकी खोज के लिए दूसरे ड्रोन की मदद ली गई। जीपीएस तकनीक के माध्यम से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद मनसा देवी मंदिर की पहाड़ियों के जंगल में झाड़ियों के बीच ड्रोन पड़ा मिला। हालांकि, बरामदगी के दौरान ड्रोन टूटी-फूटी हालत में पाया गया।
करीब 40 लाख रुपये कीमत के इस ड्रोन के लापता होने से लेकर बरामद होने तक का मामला चर्चा का विषय बना रहा। ड्रोन मिलने से उसकी तलाश में जुटे कर्मचारियों और पुलिस ने राहत की सांस ली। अब ड्रोन को हुए नुकसान और उसकी तकनीकी स्थिति का आकलन किया जाना महत्वपूर्ण होगा, ताकि कुंभ मेले की तैयारियों में मैपिंग कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।








































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