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“पैसा दो… पेपर लो!” देहरादून से राहुल गांधी का बड़ा धमाका, बोले— “देश में पेपर लीक अब रेस्टोरेंट के मेन्यू कार्ड जैसा कारोबार बन गया है!”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून।देश में पेपर लीक का मैन्यू कार्ड रेस्टोरेंट की तरह है। यहां हर पेपर का रेट तय है। पैसा दो और पेपर लो। छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि पेपर कराने की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए, निजी कंपनियों को नहीं। इस दौरान मंच पर जहां अभ्यर्थियों ने अपना पेपर लीक का दर्द साझा किया तो वहीं नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाली देहरादून की रिया थापा के पिता मंच पर फफक पड़े।

शुक्रवार को दोपहर करीब ढाई बजे देहरादून हवाई अड्डे पहुंचे राहुल गांधी ने सबसे पहले दिवंगत कांग्रेस नेता अमर मेहता के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि देते हुए परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद उन्होंने एक निजी होटल में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक ली। शाम को रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पेपर लीक प्रकरणों पर संवाद किया।

करीब एक घंटे के संवाद में राहुल गांधी ने कहा कि देश में पेपर लीक का पूरा मेन्यू है। इसमें नीट का पेपर 40 लाख रुपये, आईआईटी का पेपर 15 लाख रुपये, उत्तराखंड पटवारी भर्ती का पेपर 15 लाख रुपये, बिहार की बेसिक शिक्षक भर्ती का पेपर 10 लाख और सब इंस्पेक्टर की भर्ती का पेपर 25 लाख रुपये में बेचा जाता है। अगर आप भ्रष्ट हैं। पेपर लीक में रुचि रखते हैं तो पैसा देकर आपके मोबाइल पर माफिया पेपर उपलब्ध करा देते हैं। लेकिन इससे देश के 99 फीसदी उन मध्यम वर्ग के बच्चों का हक मारा जाता है, जिनका परिवार बच्चे की तैयारी पर नौ लाख रुपये तक का खर्च करता है।

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राहुल गांधी ने कहा कि देश में युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार के पांच दरवाजे हैं। इनमें पहला विनिर्माण, दूसरा उद्यमिता, तीसरा कॉर्पोरेट, चौथा निजी क्षेत्र और पांचवां सरकारी नौकरी का है। उन्होंने कहा, चारों दरवाजे नौकरी के लिए लगभग बंद हैं। पांचवां सरकारी नौकरी का खुला है लेकिन इसमें मेहनत और पारदर्शिता से एंट्री नहीं मिलती। इसके बजाए पेपर लीक वाले दरवाजे से एंट्री दी जाती है।

रिया के पिता राजेश गुरुंग ने बताया कि उनकी बेटी परीक्षा देकर लौटी तो बेहद खुश थी। पेपर बहुत अच्छा हुआ था। आकर खाना खाया और सो गई। अगले दिन जब उन्होंने उससे पूछा तो बताया कि बहुत अच्छा पेपर हुआ है। कुछ दिन बाद जब पेपर लीक होने की जानकारी मिली तो रिया पूरी तरह उदास हो गई। वो टूट गई। उसने बोला, पापा हमारे साथ धोखा हुआ है। फिर अचानक एक दिन उसने जिंदगी खत्म कर ली। ये बताते हुए राजेश फफककर रोने लगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक उम्मीद है, जो कायम रहनी चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा कि देश में छात्र-केंद्रित (स्टूडेंट्स सेंट्रिक) परीक्षा प्रणाली होनी चाहिए। साथ ही पूरी तरह सुरक्षित (सिक्योर) पेपर सिस्टम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में रैंडमाइजेशन होना चाहिए और शिक्षा संस्थानों को स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए। किसी भी राजनीतिक दल का विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों पर कब्जा नहीं होना चाहिए। किसी पार्टी विशेष के लोग कुलपति नहीं बनने चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं कराना सरकार की जिम्मेदारी है, किसी निजी कंपनी की नहीं। यदि कोई पेपर लीक करता है तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। एक बेटी ने आत्महत्या कर ली, लेकिन उसके परिवार तक एक चिट्ठी तक नहीं पहुंची। पेपर लीक से जिन छात्रों का नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए।

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ऑनलाइन गणित शिक्षक अभिनय शर्मा मंच पर आए। उन्होंने कहा कि वो किसी राजनीतिक दल की विचारधारा नहीं बल्कि पेपर लीक के कष्ट के कारण यहां आए। कहा, अगर पेपर लीक के लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार नहीं तो पेपर भी तो उन्होंने नहीं बनाया, फिर मंत्री की जरूरत ही क्या है। कहा, नई शिक्षा नीति आज तक पूरी तरह लागू नहीं कर पाए। कोई पेपर कराते हैं और उसमें सवाल गलत होता है तो उस पर आपत्ति के लिए भी छात्र से 250 रुपये वसूले जाते हैं। ये वसूली अभियान चल रहा है, जो बंद होना नितांत जरूरी है।

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