(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। आगामी सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से 40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार में शुक्रवार को विशेष सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन में उपसेनानायक श्री जोधराम जोशी ने आरटीसी प्रशिक्षु कैडेटों को स्नान ड्यूटी के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सुरक्षा और अनुशासन पर दिया विशेष जोर
उपसेनानायक श्री जोधराम जोशी ने प्रशिक्षु कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं।
ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस एवं पीएसी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कैडेटों को ड्यूटी के दौरान पूर्ण अनुशासन, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता
सम्मेलन के दौरान कैडेटों को बताया गया कि स्नान पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संवेदनशीलता और जनसहयोग की भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करने, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दिए निर्देश
उपसेनानायक ने प्रशिक्षुओं को भीड़ नियंत्रण, घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस एवं पीएसी की सक्रियता और सजगता से ही स्नान पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
उत्कृष्ट सेवा का लिया संकल्प
सम्मेलन के अंत में सभी आरटीसी प्रशिक्षु कैडेटों ने दिए गए निर्देशों का पालन करने तथा आगामी सोमवती अमावस्या स्नान ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने का संकल्प लिया।
कैडेटों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
पीएसी अधिकारियों ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षु कैडेट अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए स्नान पर्व को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


























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