(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरिद्वार में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली।
“हरित हरिद्वार मुहिम” को जन-जन तक पहुंचाने और जनपद को अधिक हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सिडकुल स्थित लीग्रैंड बायोडायवर्सिटी पार्क में रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों, औद्योगिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने भाग लेकर पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिक पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और हरिद्वार को हरित जनपद बनाने के संकल्प का प्रतीक बन गया।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भी बड़ी संख्या में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
“एक पौधा लगाना ही नहीं, उसकी सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी”
अपने संबोधन में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपदवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
“पेड़ लगाना आसान है, लेकिन उसे वृक्ष बनाना हमारी असली जिम्मेदारी है।”
डीएम ने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण और विकास कार्यों के चलते कई बार पेड़ों का कटान करना पड़ता है। ऐसे में यह आवश्यक है
कि कटे हुए पेड़ों की संख्या से अधिक पौधे लगाए जाएं और उनकी देखभाल भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
हरिद्वार को हरित मॉडल जिला बनाने की दिशा में प्रयास
जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार धार्मिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक दृष्टि से देश का महत्वपूर्ण जनपद है। यहां बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों के बीच पर्यावरण संरक्षण की चुनौती भी बढ़ रही है।
इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन “हरित हरिद्वार मुहिम” के माध्यम से बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
उन्होंने उद्योगों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से आह्वान किया कि वे खाली पड़ी भूमि को हरित क्षेत्र में बदलने के लिए आगे आएं। यदि सभी संस्थाएं सामूहिक प्रयास करें तो हरिद्वार को उत्तराखंड का सबसे हरा-भरा जनपद बनाया जा सकता है।
लीग्रैंड बायोडायवर्सिटी पार्क बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का मुख्य केंद्र सिडकुल क्षेत्र में विकसित किया गया लीग्रैंड बायोडायवर्सिटी पार्क रहा। यह पार्क पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल माना जा रहा है। पार्क को विकसित करने में गिवमीट्रीज़ ट्रस्ट और इंडो एशियन कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस पार्क में लगभग 9 हजार पौधे रोपित किए जा चुके हैं। विभिन्न प्रजातियों के इन पौधों के माध्यम से जैव विविधता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
पार्क भविष्य में पर्यावरण शिक्षा, प्राकृतिक संरक्षण और हरित पर्यटन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
“आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की सांस है।”
उद्योगों की सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक संस्थानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने इंडो एशियन कंपनी द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत पार्क विकसित करने की सराहना की।
उन्होंने कहा कि यदि अन्य कंपनियां भी इसी प्रकार सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सहयोग करें तो हरिद्वार को हरित और स्वच्छ बनाने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है।
450 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा हरित भविष्य
कार्यक्रम में उपस्थित रीजनल मैनेजर सिडकुल कमल किशोर फर्त्याल ने जानकारी देते हुए बताया कि सिडकुल प्रशासन द्वारा पार्क विकास के लिए लगभग 450 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। इस भूमि पर गिवमीट्रीज़ ट्रस्ट और इंडो एशियन कंपनी के सहयोग से जैव विविधता पार्क विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि वन विभाग के तकनीकी सहयोग से अब तक 9 हजार से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के 300 से अधिक पौधों का रोपण किया गया।
फर्त्याल ने कहा कि यह पार्क केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं बल्कि पर्यावरण शिक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का जीवंत उदाहरण भी बनेगा।
51 वर्षों से वृक्षारोपण की अलख जगा रहा ट्रस्ट
गिवमीट्रीज़ ट्रस्ट के प्रोजेक्ट हेड जगदीप ठाकुर ने बताया कि उनकी संस्था पिछले 51 वर्षों से वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं बल्कि सतत प्रक्रिया है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट द्वारा पार्क की देखभाल और संरक्षण का कार्य आगामी तीन वर्षों तक किया जाएगा ताकि लगाए गए पौधे स्वस्थ रूप से विकसित होकर बड़े वृक्ष बन सकें।
“जब धरती हरी होगी, तभी जिंदगी सुनहरी होगी।”
जगदीप ठाकुर ने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि पौधों की सही देखभाल की जाए तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र घने हरित वन का स्वरूप ले सकता है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें आम नागरिकों, उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों की समान भागीदारी आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र विकसित करना समय की मांग है। ऐसे प्रयास न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचाते हैं बल्कि मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता और जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस पर लिया गया संकल्प
विश्व पर्यावरण दिवस के इस आयोजन में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। सभी ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प व्यक्त किया कि वे केवल पौधे लगाएंगे ही नहीं बल्कि उनकी देखभाल और सुरक्षा भी करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान लगाए गए पौधों में छायादार, फलदार और औषधीय प्रजातियों को विशेष प्राथमिकता दी गई ताकि भविष्य में क्षेत्र की जैव विविधता और अधिक समृद्ध हो सके।
बड़ी संख्या में अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर सहायक आयुक्त श्रम प्रशांत कुमार, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, एसडीओ वन विभाग पूनम कैंथोला, इंडो एशियन कंपनी के जीएम सरनजीत सिंह, एलजा इंटरनेशनल कंपनी के एमडी अश्वनी कपूर, यूके मेटल के चेयरमैन राजेन कटोरे, प्लांट हेड ए.के. वर्मा, एकम्स के जीएम (एचआर) के.डी. शर्मा, इंडो एशियन कंपनी के एचआर प्रवेश पवार, एच.पी. नौटियाल सहित विभिन्न कंपनियों के अधिकारी, कर्मचारी एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम हरिद्वार में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
प्रशासन, उद्योगों और सामाजिक संस्थाओं की साझेदारी से विकसित हो रहा लीग्रैंड बायोडायवर्सिटी पार्क आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी मॉडल बन सकता है।
“एक पेड़ सौ पुत्र समान, पर्यावरण बचाना हम सबका अभियान।”
“हर घर एक पौधा, हर मन पर्यावरण की चिंता — यही है हरित हरिद्वार का संकल्प।”


























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