(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी BHEL में श्रमिकों के लंबित मुद्दों को लेकर मंगलवार को माहौल गर्म हो गया।
भेल मजदूर कल्याण परिषद (बीएमकेपी) इंटक के बैनर तले सैकड़ों श्रमिकों ने सीएफएफपी गेट पर विशाल जनसभा और जोरदार प्रदर्शन कर कॉरपोरेट प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
श्रमिकों ने दो दिवसीय जेसीएम बैठक जल्द बुलाकर पीपीपी भुगतान सहित तमाम ज्वलंत मांगों के समाधान की मांग उठाई। संगठन ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द बैठक आयोजित नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
शाम करीब चार बजे बड़ी संख्या में श्रमिक सीएफएफपी गेट पर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने “श्रमिक हितों की अनदेखी बंद करो”, “पीपीपी भुगतान जल्द करो” और “जेसीएम बैठक तुरंत बुलाओ” जैसे नारे लगाए।
सभा का संचालन संगठन के अध्यक्ष मुकुल राज और उपाध्यक्ष प्रशांत दीप गुप्ता ने किया, जबकि अध्यक्षता राजेंद्र चौहान ने की।
सभा को संबोधित करते हुए संगठन के महामंत्री एवं केंद्रीय नेता राजवीर सिंह ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में भेल कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है।
उन्होंने बताया कि कंपनी का कुल टर्नओवर 34,629 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक है। वहीं कंपनी का कर पूर्व लाभ यानी पीबीटी 2116 करोड़ रुपये रहा, जो बीते वर्ष की तुलना में करीब 192 प्रतिशत ज्यादा है।
“कंपनी के इस शानदार प्रदर्शन में श्रमिकों की मेहनत और समर्पण का सबसे बड़ा योगदान है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अब तक श्रमिकों के पीपीपी भुगतान के लिए जेसीएम बैठक की तारीख तक घोषित नहीं की गई।” — राजवीर सिंह
उन्होंने कहा कि बेहतर लाभ और रिकॉर्ड टर्नओवर के बावजूद श्रमिकों की मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
संगठन ने मांग की कि सम्मानजनक पीपीपी भुगतान सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द दो दिवसीय जेसीएम बैठक आयोजित की जाए।
सभा में श्रमिकों की कई प्रमुख मांगें भी उठाई गईं। संगठन ने कहा कि वेज रिवीजन 2017 के तहत श्रमिकों को पांच वर्ष बाद दोबारा लैपटॉप दिए जाने की सहमति बनी थी,
लेकिन सात वर्ष बीतने के बाद भी कर्मचारियों को नए लैपटॉप नहीं मिले। इसके अलावा “न्यू इंसेंटिव स्कीम 2024” में सुधार के लिए सब-कमेटी की बैठक दोबारा बुलाने की मांग भी जोरशोर से उठाई गई।
“जब कंपनी मुनाफे में है तो श्रमिकों की सुविधाओं और अधिकारों को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रबंधन को अब सकारात्मक निर्णय लेने होंगे।” — मुकुल राज
प्रदर्शन के दौरान भेल हरिद्वार टाउनशिप स्थित केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-4 को पहले की तरह पूर्ण रूप से संचालित करने और इस सत्र में कक्षा-1 में प्रवेश शुरू करने की मांग भी उठी।
श्रमिकों ने कहा कि कंपनी के चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कर्मचारियों को छुट्टी या रविवार के दिन बुलाया जाता है, लेकिन बदले में ओवरटाइम के बजाय सी-ऑफ दिया जाता है, जिसे तत्काल बंद कर उचित ओवरटाइम भुगतान शुरू किया जाए।
“यदि प्रबंधन ने जल्द जेसीएम आयोजित नहीं की तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।” — प्रशांत दीप गुप्ता
सभा के बाद संगठन की ओर से प्रबंधन को ज्ञापन भी सौंपा गया। प्रदर्शन में राकेश चौहान, अश्वनी चौहान, अमित सिंह, रविंद्र चौहान, धर्मेंद्र मिश्रा, मनोज यादव, संदीप चौहान, इम्तियाज अहमद, देवेंद्र गुर्जर, पंकज कुमार, ताज मोहम्मद, रजनीश शर्मा, संजय नेगी, विजय धीमान, विवेक कौशिक, प्रवीण कुमार, मुकेश कुमार, विशाल शर्मा, प्रियंक चौहान, गौरव तोमर, जसविंदर सिंह, विकास राजपूत समेत बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।


























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