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“आईआईटी रुड़की से निकली ऊर्जा क्रांति की नई राह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया सेंटर फॉर रेगुलेटरी अफेयर्स का भव्य उद्घाटन, देश के बिजली नियमन तंत्र को मिलेगी नई मजबूती”

(शहजाद अली हरिद्वार) उत्तराखंड। मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की में सेंटर फॉर रेगुलेटरी अफेयर्स का उद्घाटन किया।यह केंद्र फोरम ऑफ रेगुलेटर्स और आईआईटी रुड़की की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य देश के विद्युत क्षेत्र में नियामकीय व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच मजबूत नियामकीय ढांचे की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि सेंटर फॉर रेगुलेटरी अफेयर्स देश में ऊर्जा विनियमन, अनुसंधान और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने बताया कि आईआईटी के सहयोग से स्थापित किया जाने वाला यह दूसरा ऐसा केंद्र है। इससे पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली में केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग तथा ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया था। उस केंद्र का उद्देश्य भी विद्युत क्षेत्र में अनुसंधान, नियामकीय उत्कृष्टता और विशेषज्ञता को बढ़ावा देना है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईआईटी रुड़की में स्थापित यह नया केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर नियामकीय अनुसंधान, परामर्श सहयोग, प्रशिक्षण और ज्ञान प्रसार का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां ऊर्जा योजना एवं विनियमन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार और उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र के लिए कुशल एवं प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह केंद्र देश के विद्युत क्षेत्र के नियामकीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न अग्रणी संस्थानों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा देगा। इससे ऊर्जा क्षेत्र में नई नीतियों, तकनीकी नवाचारों और बेहतर नियामकीय समन्वय को गति मिलेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग एवं फोरम ऑफ रेगुलेटर्स के अध्यक्ष जिष्णु बरुआ तथा आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए और इस पहल को ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया।

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