न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: गांधी-शास्त्री जयंती पर CM धामी ने किया नमन, सत्य-अहिंसा और ‘जय जवान-जय किसान’ के संदेश से गूंजा मुख्यमंत्री आवास BIG BREAKING:: बुजुर्गों के सम्मान में धामी का बड़ा ऐलान, 9.93 लाख पेंशनरों को ₹147 करोड़ की सौगात BIG BREAKING:: क्रिकेट के मैदान में 40वीं वाहिनी पीएसी का जलवा, हरिद्वार पुलिस को 55 रन से रौंदकर ट्रॉफी पर जमाया कब्जा BIG BREAKING:: खेल महाकुंभ-2026 में खिलाड़ियों का जोरदार जलवा, दमखम के साथ विजेताओं ने लहराया जीत का परचम! BIG BREAKING:: हरिद्वार में स्कूल टाइम बदलने की उठी जोरदार मांग, शिक्षक महासंघ ने डीएम को सौंपा ज्ञापन BIG BREAKING:: बहादराबाद में सजी बुजुर्गों के सम्मान की महफिल, 14 सामाजिक संगठनों को सम्मान—विधायक आदेश चौहान ने कहा, “वृद्धजन समाज की अनमोल धरोहर”
Home » संदेश » “रील्स की दुनिया छोड़ो, गीता का ज्ञान जोड़ो” — संतों का युवाओं को सशक्त संदेश: संस्कार, संस्कृति और सनातन मार्ग से ही बनता है उज्ज्वल भविष्य, कोर यूनिवर्सिटी में गूंजा आध्यात्मिक चेतना का महाकुंभ”

“रील्स की दुनिया छोड़ो, गीता का ज्ञान जोड़ो” — संतों का युवाओं को सशक्त संदेश: संस्कार, संस्कृति और सनातन मार्ग से ही बनता है उज्ज्वल भविष्य, कोर यूनिवर्सिटी में गूंजा आध्यात्मिक चेतना का महाकुंभ”

(शहजाद अली हरिद्वार)रुड़की। आज कोर यूनिवर्सिटी में आध्यात्मिक शिक्षा ओर संस्कार का संगम देखने को मिला, यहां विभिन्न राज्यों के संतों, महामंडलेश्वरों ने अपने अपने शब्दों में संस्कार ओर आध्यात्मिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला तथा आयोजन हेतु यूनिवर्सिटी प्रबंधन की प्रशंसा की।

कोर यूनिवर्सिटी में आयोजित “सनातन मंथन” के संत सम्मेलन की अध्यक्षता निरंजनी अखाड़े के महासचिव महामंडलेश्वर रामरतन गिरी महाराज व संचालन वेद वर्धन कवि ने किया।

संत सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे संतो ने बच्चों से आधुनिक शिक्षा के साथ साथ संस्कारवान बनने का भी आव्हान किया गया। अपने संबोधन में महामंडलेश्वर अनंतानंद महाराज ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति ओर संस्कारों से भटक गई है,

जिन बच्चों के ऊपर माता पिता का आशीर्वाद नहीं होता, वह जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकते, उन्होंने बताया कि सनातन संस्कृति में जब बच्चे उठते है, तो सबसे पहले उन्हें मां-बाप को प्रणाम करना चाहिए और उनके पैर छूने से दीर्घायु मिलती है,

जीवन में सफलता ओर बीमारियों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने वेस्टर्न कल्चर को छोड़कर आयुर्वेद अपनाने की सलाह दी। वहीं प्रयागराज से पहुंचे महामंडलेश्वर डॉ. रमनपुरी ने जीवन में परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डाला, और कहा कि आज की पीढ़ी सोशल मीडिया की रील स्क्रॉल करने में ज्यादा बिजी रहती है,

जबकि उन्हें गीता और वेद जैसे धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन कर जीवन में आगे बढना चाहिए। वहीं महंत सरिता गिरी (प्रयागराज) ने कहा कि सनातन धर्म का पहला पाठ पढ़ाई होता है। पढ़ने से मनुष्य ज्ञान अर्जित कर आगे बढ़ता है। उन्होंने सरकारों से भी मांग की कि सभी स्कूल, कॉलेजों में सनातन पद्धति को

ALSO READ  BIG BREAKING:: राजीव शर्मा के नेतृत्व में शिवालिक नगर में सीएम धामी के जन्मदिन पर हवन-पूजन, वृक्षारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बढ़ावा देते हुए सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य नहीं था, न ही सृष्टि थी, उस समय केवल एक शक्ति थी, जो संसार में आने के लिए तैयार थी, आज इसी शक्ति के सहारे स्त्री का सम्मान होता है।

वहीं महामंडलेश्वर वैराग्यानंद महाराज (मध्य प्रदेश) ने कहा कि रील देखकर नहीं गीता पढ़कर ज्ञानी बना जा सकता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर चर्चा की कहा कि जब विदेशी धरती पर स्वामी विवेकानंद ने अपना भाषण दिया तो वहां के लोग सनातन संस्कृति के कायल हो गए।

वहीं महामंडलेश्वर आदि योगी महाराज ने कहा को जो लोग सनातन को पाखंड मानते है, वह स्वयं पाखंडी है। उन्होंने भगवान शिव के “त्रिशूल” की वैज्ञानिक परिभाषा से सभी को ओतप्रोत कर दिया। उन्होंने त्रिशूल के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सभी को अच्चंभित कर दिया।

वहीं राष्ट्रीय संत एवं राज्य निर्माण में योगदान देने वाले दर्शन भारती जी ने कहा कि आज देश की बेटी जिहाद के खतरे में है, हम सभी को इस जिहाद से डटकर मुकाबला करना है और जिहादी मानसिकता वाले लोगों को कड़ा संदेश देना है,

ताकि जिहादी लोग हमारी बहन बेटियों से दूर रहे। उन्होंने युवाओं से मजबूत होने तथा नशाखोरी से बचने की अपील की। हमें पूवर्जों की विरासत को सुरक्षित रखना है। आज सनातन कुर्बानी मांग रहा है।

वहीं चेतना ज्योति आश्रम से पहुंचे शुभम महंत ने छात्र छात्राओं को सनातन संस्कृति अपनाकर जीवन मूल्यों को समझने को आश्वयकता पर बल दिया। संत सम्मेलन को साध्वी निहारिका, महामंडलेश्वर रामानंद सरस्वती जी महाराज, मोहनानंद गिरी महाराजा, हरिचेतना नंद महाराज आदि संतो ने भी सनातन शिक्षा ओर संस्कृति व संस्कारों पर ओजस्वी विचारों से बच्चों की चेतना जागृत की ओर उनमें नई ऊर्जा का संचार किया।

ALSO READ  हरिद्वार में आशीष यादव और चंद्रशेखर यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी ने 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह, धूमधाम और जोश के साथ मनाकर देशभक्ति की अलख जगाई

बाद में यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जेसी जैन, वाइस चेयरमैन श्रेयांश जैन ने सभी संतो को नमन करते हुए कार्यक्रम में पहुंचने पर उनका हृदय की गहराइयों से जोरदार स्वागत किया। बाद में श्रेयांश जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज, मोहनानंद गिरि महाराज, अनंता नंद पूरी, राम रतन गिरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी वैदमूर्ति, महंत ऋषिश्रानंद स्वामी, डॉ. रमनपुरी महाराज, सरितानंद गिरी महाराज। स्वामी हरिचेतना नंद महाराज, चेयरमैन जेसी जैन, उपाध्यक्ष श्रेयांश जैन, निदेशक चारु जैन सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं व महंतगण मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 6 4 5 4
Users Today : 411
Users Yesterday : 1033
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 6 4 5 4
Users Today : 411
Users Yesterday : 1033