न्यूज़ फ्लैश
“आखिरकार केतन लाल के घर पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आजाद, परिजनों से की मुलाकात” “देहरादून में 48 घंटे भारी बारिश का खतरा! IMD का ऑरेंज अलर्ट, जिलाधिकारी बोले— अनावश्यक यात्रा से बचें” “शिक्षा जगत को भावुक कर गई विदाई, शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती का शिक्षक संघ ने किया भव्य सम्मान” “केतन हत्याकांड पर सियासत गरम: हरिद्वार में सांसद चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ का विरोध, दीपक पेगवाल बोले— दलित समाज को गुमराह करना बंद करें” “हरिद्वार में लक्ज़री स्लीपर बसों पर प्रशासन का सबसे बड़ा एक्शन! डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर 80 चालान, 12 बसें सीज़, नियम तोड़ने वालों में मचा हड़कंप” “बड़ी खबर: कल से बदलेगा उत्तराखंड के स्कूलों का समय, सरकार ने जारी किया नया टाइम टेबल, सभी सरकारी और निजी स्कूलों में लागू होंगे नए नियम”
Home » मिसाल » “जया मैक्सवेल हॉस्पिटल में उम्मीद की मिसाल: 14 सेमी की विशाल पथरी को मात, तीन अस्पतालों ने छोड़ा साथ—डॉक्टरों की कुशलता ने हाई-रिस्क सर्जरी कर रची जिंदगी बचाने की नई कहानी”

“जया मैक्सवेल हॉस्पिटल में उम्मीद की मिसाल: 14 सेमी की विशाल पथरी को मात, तीन अस्पतालों ने छोड़ा साथ—डॉक्टरों की कुशलता ने हाई-रिस्क सर्जरी कर रची जिंदगी बचाने की नई कहानी”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। बहादराबाद स्थित जया मैक्सवेल हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने एक बेहद जटिल और हाई-रिस्क सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर मरीज को नई जिंदगी दी। अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. विपिन तिवानी के नेतृत्व में यह ऑपरेशन किया गया, जिसमें मरीज के मूत्राशय से 14 सेंटीमीटर की विशाल पथरी को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया।

जानकारी के अनुसार, मरीज लंबे समय से पेशाब की कमजोरी, तेज जलन, दर्द और रुक-रुक कर खून आने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था। जांच के दौरान उसके ब्लैडर में बड़ी पथरी (वेसिकल कैल्कुलस) का पता चला।स्थिति तब और चुनौतीपूर्ण हो गई जब मरीज का पुराना मेडिकल इतिहास सामने आया। उसे पहले ट्यूबरकुलर मेनिनजाइटिस हो चुका था, जिसके कारण पैरालिसिस की स्थिति बनी और वीपी शंट सर्जरी भी की जा चुकी थी।

इन जटिल परिस्थितियों के चलते पहले तीन अस्पतालों ने ऑपरेशन करने से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, जया मैक्सवेल हॉस्पिटल की टीम ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए ऑपरेशन का निर्णय लिया। करीब दो घंटे तक चली सर्जरी में डॉक्टरों ने अत्यंत सावधानी और सटीक रणनीति के साथ पथरी को सफलतापूर्वक निकाल दिया।

डॉ. विपिन तिवानी ने बताया कि मरीज की न्यूरोलॉजिकल स्थिति और वीपी शंट के कारण एनेस्थीसिया देना भी जोखिम भरा था, लेकिन बेहतर टीमवर्क और प्लानिंग के चलते ऑपरेशन सफल रहा।फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और उसमें तेजी से सुधार हो रहा है। पेशाब संबंधी दिक्कतों में भी राहत मिली है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है

कि उनका उद्देश्य गंभीर से गंभीर मरीजों को भी सुरक्षित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। यह सफलता उन मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनी है, जिन्हें हाई-रिस्क बताकर इलाज से मना कर दिया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

4 9 1 4 4 0
Users Today : 57
Users Yesterday : 3383
[democracy id="1"]

Our Visitor

4 9 1 4 4 0
Users Today : 57
Users Yesterday : 3383