न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: हरिद्वार में गूंजा ‘वोकल फॉर लोकल’ का दमदार संदेश, स्थानीय हुनर और उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, उद्यमियों को रोजगार की नई उड़ान BIG BREAKING:: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर DM का बड़ा एक्शन, ANM निलंबित; 12 मातृ मृत्यु मामलों की गहन जांच से मचा हड़कंप BIG BREAKING:: राज्यसभा सांसद खेलकूद प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, कबड्डी-रिले-पिट्टू और भाला फेंक में विजेताओं ने लहराया परचम BIG BREAKING:: सेनानायक आयुष अग्रवाल ने सुनी जवानों की समस्याएं, 40वीं पीएसी में 33 कार्मिकों को उत्कृष्ट सेवा पर मिला सम्मान BIG BREAKING:: रुड़की में नगर निगम की जमीनों का महा-सर्वे, शेरपुर-खंजरपुर-मलकपुर में अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी BIG BREAKING:: 25 पॉइंट कार्यक्रम पर CS का सख्त एक्शन, योजनाओं का हिसाब नहीं अब जनता को मिला लाभ देखेंगे आनन्द बर्द्धन
Home » बैठक » “चारधाम यात्रा 2026: ‘जीरो लॉस’ का संकल्प, आपदा से निपटने को हाई अलर्ट पर प्रशासन—10 अप्रैल को मेगा मॉक ड्रिल से परखी जाएंगी तैयारियां”

“चारधाम यात्रा 2026: ‘जीरो लॉस’ का संकल्प, आपदा से निपटने को हाई अलर्ट पर प्रशासन—10 अप्रैल को मेगा मॉक ड्रिल से परखी जाएंगी तैयारियां”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। चारधाम यात्रा-2026 के दौरान संभावित आपदाओं एवं आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

इस क्रम में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) तथा उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के तत्वावधान में बुधवार को टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई।जिसका वर्चुअल माध्यम से जिला आपदा कंट्रोल रूम सभागार हरिद्वार में संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में यात्रा मार्गों पर संभावित आपदाओं से निपटने की रणनीति, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा 10 अप्रैल को प्रस्तावित व्यापक मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा के सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित संचालन के लिए संसाधनों एवं जोखिमों का सटीक आकलन अत्यंत आवश्यक है।  एनडीएमए एवं यूएसडीएमए के विशेषज्ञों ने कहा कि यात्रा मार्गों के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करते हुए उपलब्ध संसाधनों की जीआईएस मैपिंग की जानी चाहिए, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

इस दौरान इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के अंतर्गत इंसीडेंट कमांडर, सेक्टर मजिस्ट्रेट, नोडल अधिकारियों सहित विभिन्न शाखाओं के क्रियान्वयन, नियोजन एवं संसाधन व जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान सभी सेक्टर कमांडरों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्टेकहोल्डर्स की सूची तैयार करने, उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कंटीजेंसी प्लान बनाने तथा आपात स्थिति के लिए पूर्ण इंसीडेंट एक्शन प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही ड्रोन सर्वेक्षण एवं हेली सेवाओं के लिए पूर्व अनुमति एवं समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया। सड़कों की सुचारु व्यवस्था के लिए एनएचएआई, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग तथा बीआरओ को संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त मशीनरी एवं मानव संसाधन तैनात करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा आर्मी

ALSO READ  "कुंभ-2027 पर प्रशासन सख्त, मंडलायुक्त ने सभी विभागों को दिया अलर्ट, तय समय में पूरे करें कार्य, हर माह होगी तैयारियों की समीक्षा"

आईटीबीपी,एसएसबी,आईएएफ,एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, पीआरडी एवं जनपद स्तर पर गठित क्यूआरटी को अपने संसाधनों सहित सक्रिय रहने को कहा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि चारों धाम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित होने के कारण यहां जोखिम अधिक रहता है। विशेषकर मानसून के दौरान अतिवृष्टि, बादल फटना, भूस्खलन एवं प्रतिकूल मौसम जैसी घटनाएं जान-माल के लिए खतरा उत्पन्न कर सकती हैं। ऐसे में सेक्टर से लेकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक सभी एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत, बचाव एवं चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराते हुए जनहानि को शून्य करना प्राथमिक लक्ष्य है। साथ ही प्रभावित लोगों के लिए भोजन, संचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर पैनिक की स्थिति से बाहर निकालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।इस क्रम में 10 अप्रैल को चारधाम यात्रा की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में 26 नोडल अधिकारी तैनात किए गए है, जिन्हें अलग अलग दायित्वों दिए गए है।इसके साथ ही चार धाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों के पंजीकरण हेतु ऋषिकुल मैदान में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र बनाया गया है,

जिसमें पंजीकरण के लिए 20 काउंटर बनाए जा रहे है।इसके साथ ही परिवहन, पार्किंग, पेयजल उपलब्धता, शौचालय एवं स्वच्छता, होटल व्यवस्था, खाद्य सामग्री के मूल्य निर्धारण, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन, शिकायत निस्तारण एवं जन प्रतिक्रिया तंत्र सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ की गई हैं। साथ ही सुधार संबंधी सुझावों एवं अन्य आपात स्थितियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।

ALSO READ  Haridwar"सुरक्षा एनक्लेव से अहमदपुर ग्रांट तक जलभराव पर प्रशासन सख्त, स्थायी समाधान को बनेगा पंपिंग स्टेशन और 700 मीटर नाला"

टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान एसपी ट्रैफिक निशा यादव,एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह,जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी मीरा रावत,जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी, लिफ्टनेंट कर्नल अलौकिक, डीसी आनंद सिंह, एसी अभिषेक सिंह, डीओ पीआरडी मुकेश भट्ट, सहित सड़क, विद्युत, पेयजल, खाद्यान्न, परिवहन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 5 2 7 3
Users Today : 263
Users Yesterday : 861
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 7 5 2 7 3
Users Today : 263
Users Yesterday : 861