न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:खटीमा में युवाओं से सीधा संवाद, CM धामी बोले—भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, 34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी BIG BREAKING:हरिद्वार में SIR पर डीएम मयूर दीक्षित का सख्त रुख, बोले—“किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए” BIG BREAKING:देहरादून में मौसम का अलर्ट! आज कक्षा 1 से 12 तक सभी स्कूल बंद, आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश BIG BREAKING:उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार का खुला रास्ता, CM धामी का बड़ा प्लान—वैश्विक मांग के मुताबिक कौशल और भाषा प्रशिक्षण पर जोर! BIG BREAKING:SIR पर बड़ा अपडेट: प्रदेश में 94% अनमैप्ड-विसंगति वाले मतदाताओं की सुनवाई पूरी, फार्म 6, 7 और 8 के निस्तारण को एक सप्ताह की डेडलाइन BIG BREAKING:जन्माष्टमी से पहले खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन! 13 सैंपल लिए, Blinkit समेत ब्रेड-टोफू कंपनियों को नोटिस, दो मामलों में कोर्ट पहुंचा मामला
Home » पहल » “उत्तराखंड में यूसीसी का डिजिटल चमत्कार: 22 भाषाओं और एआई की ताकत से घर बैठे आसान पंजीकरण, बिना शिकायत एक साल का रिकॉर्ड”

“उत्तराखंड में यूसीसी का डिजिटल चमत्कार: 22 भाषाओं और एआई की ताकत से घर बैठे आसान पंजीकरण, बिना शिकायत एक साल का रिकॉर्ड”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून । उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की सेवाएं, अंग्रेजी के अलावा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में उपलब्ध हैं। साथ ही आवेदक एआई की सहायता से भी यूसीसी की प्रक्रिया को समझने के साथ ही अपना पंजीकरण करवा सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि, यूसीसी के तहत विभिन्न सेवाओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा जाए, साथ ही वेबसाइट को यूजर फ्रेंडली रखा जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति स्वयं ही अपना पंजीकरण करवा सके। इसी क्रम में आईटीडीए ने यूसीसी की वेबसाइट को आठवीं अनुसूची में शामिल 22 अनुसूचित भाषाओं — असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, उर्दू, सिंधी, बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली और मणिपुरी के साथ अंग्रेजी में तैयार किया है। इस तरह आवेदक अपनी भाषा के अनुसार ना सिर्फ यूसीसी के नियम, प्रक्रिया और पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ले सकता है, बल्कि अपनी भाषा में ही आवेदन भी कर सकता है। इस काम में एआई की भी मदद ली जा सकती है।

हमारी सरकार पहले ही दिन से सरलीकरण से समाधान तक के मूलमंत्र लेकर चल रही है। समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जनसामान्य को पंजीकरण में किसी तरह की मुश्किल न आए। यूसीसी तकनीकी उत्कृटता का एक सफल उदाहरण बनकर उभरी है। यही कारण है कि बीते एक साल में यूसीसी प्रक्रिया को लेकर एक भी शिकायत नहीं आई है।

ALSO READ  "मंदिरों के फूलों से कमाल! रुड़की की महिलाओं ने कचरे को बनाया कमाई का जरिया, ‘वेस्ट टू बेस्ट’ की शानदार पहल"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 4 7 8 7 9
Users Today : 371
Users Yesterday : 1253
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 4 7 8 7 9
Users Today : 371
Users Yesterday : 1253