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“दीक्षांत के स्वर्णिम मंच से राज्यपाल का संदेश—परिश्रम, अनुशासन और बड़े सपने युवाओं को बनाएंगे विकसित भारत का नेतृत्वकर्ता”

(शहजाद अली हरिद्वार)रुड़की। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज क्वांटम विश्वविद्यालय, रुड़की के 5वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। राज्यपाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में सर्वश्रेष्ठ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा साक्षी राज को प्रेसिडेंस मेडल से सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को अपने जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, परिश्रम और अनुशासन के साथ कार्य करने और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा दी। दीक्षांत भाषण में राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी और कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन का वह स्वर्णिम क्षण है, जो परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का सुखद परिणाम होता है। उन्होंने उपाधि धारकों से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और यह लंबे समय तक किए गए कठिन परिश्रम, धैर्य और अनुशासन का परिणाम होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे बड़े और असीमित सपने देखें और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर परिश्रम, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच अपनाएं।राज्यपाल ने कहा कि नैतिकता, चरित्र और विनम्रता ही स्थायी सफलता के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने आधुनिक तकनीकी क्रांति, एआई, डेटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग, का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से “लाइफ लॉन्ग लर्निंग” अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भविष्य में वही युवा नेतृत्व करेगा जो सीखना बंद नहीं करेगा और नई तकनीकों को आत्मसात करेगा।राज्यपाल ने कहा कि भारत अमृत काल की महत्वपूर्ण यात्रा पर अग्रसर है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण युवाओं की सक्रिय सहभागिता से ही संभव होगा। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2024-25 में अनुसंधान, नवाचार, उद्योग-सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में की गई उल्लेखनीय प्रगति का भी उल्लेख किया, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। राज्यपाल ने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि एक शिक्षक केवल ज्ञान नहीं देता, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में दिशा देने वाला दीपस्तंभ होता है।

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इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विवेक कुमार ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताई। दीक्षांत समारोह में विधायक श्रीमती ममता राकेश, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, विश्वविद्यालय के अध्यक्ष अजय गोयल, संस्थापक अध्यक्ष श्याम सुन्दर गोयल, पूर्व अध्यक्ष भारतीय कृषि विश्वविद्यालय संघ डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक, कुलसचिव डॉ. अमित दीक्षित सहित विश्वविद्यालय के अन्य सदस्य गण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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