न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:जन्माष्टमी से पहले खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन! 13 सैंपल लिए, Blinkit समेत ब्रेड-टोफू कंपनियों को नोटिस, दो मामलों में कोर्ट पहुंचा मामला BIG BREAKING:देहरादून समाधान दिवस में गूंजा जनता का दर्द! 87 शिकायतों पर प्रशासन सख्त, जमीन कब्जे से आर्थिक मदद तक अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के आदेश BIG BREAKING:राहुल गांधी के बयान पर भड़का भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, हरिद्वार में जोरदार प्रदर्शन कर फूंका पुतला BIG BREAKING:इब्राहिमपुर में प्रशासन का बड़ा एक्शन! प्राथमिक पाठशाला की जमीन से हटा अवैध कब्जा, अतिक्रमण मुक्त हुई सरकारी भूमि BIG BREAKING:सोशल मीडिया वीडियो पर हरिद्वार पुलिस का बड़ा प्रहार, सिडकुल में सड़क पर हुड़दंग मचाने वाले 9 आरोपी हिरासत में; महिला-पुरुष भी शामिल BIG BREAKING:Gen Z के प्रदर्शन पर संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति की दो टूक—विरोध हो, लेकिन संस्कार और संयम के साथ
Home » ज्ञापन » बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने केंद्रित सेवा नियमावली को बताया कर्मचारी विरोधी, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने केंद्रित सेवा नियमावली को बताया कर्मचारी विरोधी, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। बहुउद्देशीय प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने केंद्रित सेवा नियमावली को कर्मचारी विरोधी बताते हुए उसके विरोध में मोर्चा खोल दिया है।

कर्मचारियों ने जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए चेतावनी दी कि यदि नियमावली में सुधार नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

कर्मचारियों की सभा में सचिव अनिल सैनी ने कहा कि 4 जून 2022 को सार्वजनिक की गई नियमावली में दिए गए सुझावों को नजरअंदाज कर कैबिनेट में इसे बिना संशोधन के पारित कर दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि यह नियमावली न तो कर्मचारियों के हित में है, न ही समितियों के हित में। इसके तहत सहकारी समितियों की मूल भावना के साथ छेड़छाड़ की गई है और संचालक मंडल बोर्ड के अधिकार समाप्त कर दिए गए हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि यह नया नियम उत्तराखंड राज्य निर्माण के 25 वर्षों बाद लाया गया है, लेकिन इसमें उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी नियमावली 1976 की तुलना में भी कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि इस नियमावली में कई खामियां हैं, जो सहकारिता की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करती हैं।

हरिद्वार जनपद के सचिवों एवं कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अनिल सैनी, अनिल चौहान, विपिन चौहान, प्रताप सिंह, लक्ष्मी दत्त पंत, सुनील कुमार, अभिषेक चौधरी, प्रवीण कुमार सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे

ALSO READ  राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन किसानों ने उठाई 11 मांगें, प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन, राकेश टिकैत ने दी आंदोलन की चेतावनी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 4 7 2 8 7
Users Today : 1032
Users Yesterday : 1179
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 4 7 2 8 7
Users Today : 1032
Users Yesterday : 1179