(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार में सोमवार सुबह बड़ा हादसा टल गया, जब काली मंदिर के पास अचानक पहाड़ी से भूस्खलन हो गया।
इस दौरान भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर रेलवे ट्रैक पर गिर पड़े। पत्थर इतनी तेजी से गिरे कि ट्रैक पर लगी लोहे की सुरक्षा जालियां भी टूट गईं और मलबा सीधे पटरी पर जमा हो गया।
इस घटना से हरिद्वार-देहरादून और हरिद्वार-ऋषिकेश रेल मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है।
कई ट्रेनों को बीच रास्ते या फिर हरिद्वार स्टेशन पर रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब सात बजे यह भूस्खलन हुआ। सौभाग्य से उस समय कोई ट्रेन मौके पर नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
रेलवे और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और ट्रैक से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया। जेसीबी मशीनों की मदद से लगातार मलबा हटाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक को शीघ्र ही दुरुस्त कर रेल यातायात सामान्य किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी इसी स्थान पर भूस्खलन हुआ था, लेकिन तब स्थिति इतनी गंभीर नहीं बनी थी।
बार-बार हो रहे भूस्खलन ने यात्रियों और रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस कारण सुरक्षा के मद्देनज़र रेलवे ने फिलहाल ट्रेनों को रोककर आगे बढ़ने का निर्णय लिया है।
स्टेशन पर रुकी ट्रेनों में यात्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोग परेशान होकर अन्य साधनों से सफर की कोशिश कर रहे हैं।
अधिकारियों ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि जल्द ही ट्रैक से मलबा हटाकर रेल सेवा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
यह घटना पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के मौसम में भूस्खलन की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर करती है।













































