(शहजाद अली हरिद्वार)नागल। राज्यपाल ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 2002 की धारा 3(2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए क्षेत्र के गांव सरसीना निवासी समाजसेवी मतलूब अहमद के पुत्र शारिक मलिक को आयोग का सदस्य नामित करने की स्वीकृति प्रदान की है। जारी आदेश के अनुसार, आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके कल्याण हेतु बनाई गई योजनाओं की निगरानी करना है।
शारिक मलिक का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले पांच वर्षों तक रहेगा। वर्तमान में वे महर्षि दयानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बडूली के निदेशक हैं और लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सदस्य नियुक्त होने पर शारिक मलिक ने उत्तराखंड सरकार का आभार जताया और कहा कि सरकार ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि वे अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान, उनके हितों की रक्षा और शिक्षा व सामाजिक विकास के क्षेत्र में सकारात्मक योगदान देंगे।
शारिक मलिक की नियुक्ति की खबर से क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों का समाधान प्रभावी ढंग से होगा।


























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