(शहजाद अली हरिद्वार)मंगलौर। सरकार की दोषपूर्ण नीति के कारण उत्तराखंड की कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा है कि कानून का राज कही दिखाई नहीं पड़ रहा है।
कांग्रेस विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में उत्तराखंड की कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश की कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है और आम जनता असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस को उसके मूल दायित्वों से हटाकर खनन जैसे कार्यों में लगा रही है, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए, न कि अन्य प्रशासनिक या राजनीतिक कार्यों में उलझाया जाना चाहिए। “सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। पुलिस को उसका ही काम करने दिया जाए,” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा।
उन्होंने प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दिन-दहाड़े गोलीकांड और हत्याएं हो रही हैं, जिससे भय और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। देहरादून में हुए गैंगस्टर विक्रम हत्याकांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से अपराधी किस्म के लोग उत्तराखंड में आकर बस रहे हैं और गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो प्रदेश की शांतिप्रिय छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं।
बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि “जब बाहरी लोग यहां आकर चुनाव लड़ेंगे, जीतेंगे और सरकार चलाएंगे, तो प्रदेश में अपराध बढ़ना स्वाभाविक है।” उन्होंने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रेसवार्ता के दौरान पालिका अध्यक्ष मोइउद्दीन अंसारी, पूर्व अध्यक्ष चौधरी इस्लाम, जुल्फिकार अख्तर, नूर आलम अंसारी, डॉ. भंवरा, मोनू प्रधान, संदीप कुमार सहित कई स्थानीय नेता एवं समर्थक उपस्थित रहे।विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि विपक्ष प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगा और जरूरत पड़ी तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी किया जाएगा।


































