(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विशेष योग एवं आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को योग, आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करते हुए तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। शिविर में बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. बी. आर. सिंह ने की। वहीं, अश्वमेध हेल्थ एंड वेलनेस संस्थान की योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ, कॉरपोरेट योग प्रशिक्षक और वेलनेस प्रमोटर डॉ. रुचिता उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की।
अतिथियों का किया गया स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय प्रबंधक मोना सूरी द्वारा मुख्य अतिथि डॉ. रुचिता उपाध्याय एवं अति विशिष्ट अतिथि डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। इस अवसर पर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
स्वागत संबोधन में डॉ. बी. आर. सिंह ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए योग को अपनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। योग व्यक्ति को केवल रोगों से बचाने का कार्य नहीं करता, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन भी प्रदान करता है।
योग विशेषज्ञ ने कराया व्यावहारिक प्रशिक्षण
शिविर के दौरान डॉ. रुचिता उपाध्याय ने उपस्थित प्रतिभागियों को सूक्ष्म व्यायाम, योगासन, प्राणायाम और ध्यान साधना का क्रमबद्ध प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि नियमित सूक्ष्म व्यायाम शरीर के विभिन्न अंगों को सक्रिय बनाते हैं तथा रक्त संचार को बेहतर करने में मदद करते हैं।
उन्होंने कर्मचारियों को वज्रासन, शशकासन और मंडूकासन जैसे सरल एवं प्रभावी योगासनों का अभ्यास कराया और इनके स्वास्थ्य लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन योगासनों के नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है, तनाव कम होता है तथा शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है।
प्राणायाम और ध्यान के महत्व पर दिया जोर
योग प्रशिक्षण सत्र में डॉ. रुचिता उपाध्याय ने प्रतिभागियों को अनुलोम-विलोम, उज्जायी, भ्रामरी और नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास भी कराया। उन्होंने बताया कि ये प्राणायाम श्वसन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक तनाव को कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ध्यान सत्र के दौरान उन्होंने कर्मचारियों को मानसिक शांति, आत्मनियंत्रण और सकारात्मक सोच विकसित करने की विशेष विधियां सिखाईं। उन्होंने कहा कि नियमित योग और ध्यान का अभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ कार्यस्थल पर उसकी उत्पादकता, निर्णय क्षमता और आपसी समन्वय को भी मजबूत बनाता है।
योग और आयुर्वेद का समन्वय समय की आवश्यकता
अति विशिष्ट अतिथि डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने अपने संबोधन में योग और आयुर्वेद को भारतीय चिकित्सा परंपरा के दो महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि दोनों का समन्वित प्रयोग व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित और दीर्घायु जीवन प्रदान कर सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ रही जीवनशैली जनित बीमारियों से बचाव के लिए योग और आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
कर्मचारियों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता
कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए मोना सूरी ने कहा कि इस प्रकार के आरोग्य एवं वेलनेस कार्यक्रम कर्मचारियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कार्यालय में सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने किया सहभाग
शिविर में बी. आर. सिंह, मोना सूरी, राजबीर सिंह, मनीष जोशी, ए. एस. राणा, मुक्ता कंसल, एन. एन. नौटियाल, मंजीत सिंह यादव, प्रियंका चौहान, पूजा गर्ग, ऋषभ कला, राजेंद्र भट्ट, पुष्पा चौधरी, आरुषि अग्रवाल, पुलकावली गुप्ता, आश्मिता पांडेय, राकेश कुमार, उत्तम शर्मा, अमन जस्सल, संकल्प शर्मा, अंकित भट्ट, गौरव सिद्धार्थ, सलोनी रावत, बिक्रम राणा, आस्था जोशी, टी. एस. भंडारी, विकास सिंघल, पूजा, पिंगला कैंथुरा, ममता बमराड़ा और गौरव मिश्रा सहित अनेक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
प्रतिभागियों ने शिविर को प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और स्वास्थ्यवर्धक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।
योग एवं आरोग्य शिविर ने कर्मचारियों को न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन जीने की दिशा में भी प्रेरित किया।


























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