(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। आगामी कांवड़ यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है
कि कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक हो, इसके लिए हर विभाग को जिम्मेदारी तय कर समय से सभी तैयारियां पूर्ण करनी होंगी।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा आरंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं, जैसे सड़क मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और सफाई कार्य पूर्ण हो जाने चाहिएं।
किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। कांवड़ पथ पर मांस-मदिरा की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सभी दुकानों को लाइसेंस जारी किया जाएगा और रेट लिस्ट चस्पा करना अनिवार्य होगा।
सड़क विभाग को निर्देशित किया गया कि कांवड़ मार्ग पर जहां-जहां जलभराव की समस्या रहती है, वहां निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, गड्ढे भरे जाएं और सफाई बनी रहे।
जल संस्थान एवं जल निगम को पेयजल स्टैंड पोस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने और उनके निकास की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि पार्किंग स्थलों और रूट पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति रहे तथा आवश्यकतानुसार जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नगर निगम व जिला पंचायत को पर्याप्त संख्या में शौचालय, मोबाइल शौचालय और सफाई के सख्त निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को चेक पोस्ट पर एम्बुलेंस व मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रा मार्ग में आने वाले स्कूल बंद रखे जाएं।
पुलिस विभाग ने बताया कि सुरक्षा को लेकर रूट प्लान तैयार कर लिया गया है और पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी दीपेन्द्र सिंह नेगी, मुख्य नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी, एसपी क्राइम जितेन्द्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, एसीपी वरुण चौधरी, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, एचआरडीए सचिव मनीष सिंह, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, डीएसओ तेजबल सिंह, आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




































