(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 15 अक्टूबर। मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार के मार्गदर्शन में इस वर्ष दीपावली पर्व के अवसर पर जनपद के सभी छह ब्लॉकों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़े स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) एवं ‘लखपति दीदियों’ द्वारा विशेष विक्रय स्टॉल लगाए जा रहे हैं। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आजीविका को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इन समूहों की महिलाओं ने क्लस्टर स्तरीय संघ (सीएलएफ) से लघु ऋण प्राप्त कर अपने कौशल के बल पर हस्तनिर्मित दीये, मोमबत्तियाँ, कैंडल, तोरण, बंधनवार, और अन्य सजावटी वस्तुएँ तैयार की हैं।
इन उत्पादों की बिक्री के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे तथा प्रत्येक ब्लॉक के प्रमुख बाजारों में आकर्षक स्टॉल स्थापित किए गए हैं। इन स्टॉलों में स्थानीय लोग न केवल स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण में भी अपनी भागीदारी निभा सकते हैं।
इस आयोजन में ब्लॉक एवं जिला स्तर की एनआरएलएम टीम के साथ-साथ ग्रामोथन संस्था का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। संस्था ने इन समूहों को प्रशिक्षण, पैकेजिंग, विपणन और उत्पाद की गुणवत्ता सुधार के लिए सहयोग प्रदान किया है।
यह विशेष अभियान ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को साकार करता है। दीपावली के पावन पर्व पर हरिद्वार जिले की ये लखपति दीदियाँ न केवल अपने हुनर का प्रदर्शन कर रही हैं,
बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा भी दे रही हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इन स्टॉलों से खरीदारी कर स्थानीय महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करें और स्वदेशी उत्पादों के माध्यम से उत्सव की रोशनी को और अधिक अर्थपूर्ण बनाएं।


























