न्यूज़ फ्लैश
“पुलिस लाइन हरिद्वार में तीज की धूम, सजी मेहंदी और तीज क्वीन की महफिल—250 से ज्यादा महिलाओं ने बढ़ाया समारोह का रंग” “गंगनहर के तेज बहाव में फंसी जिंदगी, SDRF ने जान पर खेलकर व्यक्ति को सकुशल बचाया” “हरियाली तीज में झूमे प्रदीप बत्रा-मनीषा बत्रा, लोकनृत्य संग दिखा देशभक्ति का रंग” “अटल जी को नमन: मुख्यमंत्री धामी ने कहा—राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों के पुरोधा थे वाजपेयी” “आईआईटी रुड़की में तिरंगे की शान, नवाचार का संकल्प; विकसित भारत @2047 के सपने को साकार करने का लिया प्रण” “SIR में पारदर्शिता पर आयुक्त का सख्त संदेश, बोले—हर पात्र मतदाता का नाम सूची में रहना चाहिए”
Home » निर्देश » ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने दिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने दिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून, 1 जून। उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के सभागार, जीएमएस रोड में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल), पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन (पिटकुल) और उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के अधिकारियों ने भाग लिया।

तीनों निगमों को आगामी 5, 10, 15 और 25–30 वर्षों की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना व लक्ष्य तैयार करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी निगमों को निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना की शुरुआत से पहले उसके तकनीकी, आर्थिकी, पर्यावरणीय और प्रशासनिक पहलुओं पर पूर्ण विचार करें। सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद ही निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए।उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रोजेक्टों को पूरा करना अनिवार्य है। यदि प्रोजेक्ट में कोई बाधा आती है, तो संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर समाधान खोजा जाए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक निगम यह विवरण प्रस्तुत करे कि प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत कितनी थी और किसी प्रकार की देरी के कारण लागत में कितना इज़ाफा हुआ।ऊर्जा दक्षता में हानि के कारणों की पहचान कर उस पर रोक लगाने के उपाय सुझाने को भी कहा गया। तीनों निगमों को आगामी 5, 10, 15 और 25–30 वर्षों की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना व लक्ष्य तैयार करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने तराई क्षेत्रों में विद्युत हानियों का खंडवार विवरण प्रस्तुत करने, स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट में तेजी लाने तथा भूमिगत विद्युत लाइनों के निर्माण के लिए जिला प्रशासन से समन्वय करने को कहा। उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में प्राथमिकता से मीटरिंग कार्य करने पर भी जोर दिया।

पिटकुल को हाईटेंशन लाइनों की नियमित निगरानी करने, नई तकनीक अपनाने तथा पारेषण तंत्र के अध्ययन के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण से सहयोग लेने को कहा गया। भूमि अधिग्रहण मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी पर भी विचार होगा।

यूजेवीएनएल को न्यूक्लियर पावर प्लांट की संभावनाओं पर अध्ययन करने तथा लखवाड़ परियोजना सहित अन्य विकासशील परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 3 4 9 4 9
Users Today : 17
Users Yesterday : 343
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 3 4 9 4 9
Users Today : 17
Users Yesterday : 343