(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून से बड़ी खबर सामने आई है, जहां उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षाओं में फर्जीवाड़े की कोशिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है।
देहरादून पुलिस ने एक आरोपी सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है, जिसने सहकारी निरीक्षक, वर्ग-2 और सहायक विकास अधिकारी की लिखित परीक्षा में धोखाधड़ी की योजना बनाई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ
कि सुरेंद्र ने अपनी वास्तविक उम्र छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। उसने जन्मतिथि 1988 से बदलकर 1995 दर्शाई, ताकि सरकारी नौकरी के लिए पात्रता सीमा में फिट हो सके।सुरेंद्र ने तीन अलग-अलग परीक्षा केंद्रों—टिहरी, हरिद्वार और देहरादून—से आवेदन किया और हर बार अलग-अलग मोबाइल नंबरों का प्रयोग किया। उसकी इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश तब हुआ जब UKSSSC ने उसके दस्तावेजों पर संदेह जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने गोपनीय जांच के आदेश दिए, जिसमें सुरेंद्र की फर्जीवाड़े की योजना उजागर हुई।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रायपुर थाने में धारा 318(4), 336(3) और 340(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पूछताछ में सुरेंद्र ने कबूल किया कि वह गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश का रहने वाला और एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक है। सरकारी नौकरी की उम्र सीमा निकल जाने के कारण उसने यह फर्जीवाड़ा किया।




































