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मध्य क्षेत्रीय परिषद बैठक में उत्तराखण्ड के हितों की पुरज़ोर वकालत: सीमांत विकास से लेकर साहसिक पर्यटन तक मुख्यमंत्री धामी की महत्वपूर्ण मांगें

(शहजाद अली हरिद्वार)उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वाराणसी में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में राज्य के अनेक अहम मुद्दों को मजबूती से रखा। बैठक में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण उत्तराखण्ड को सीमा सड़क संगठन (BRO) के माध्यम से अधिक सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत सीमावर्ती गांवों के विकास, भारत नेट, 4जी और सैटेलाइट संचार परियोजनाओं के तेज़ी से विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने केंद्र से प्रधानमंत्री आवास योजना की धनराशि एकमुश्त देने, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में सहयोग बढ़ाने, ग्लेशियर अध्ययन केंद्र और जैव विविधता संरक्षण संस्था की स्थापना का अनुरोध किया। साथ ही साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने हेतु अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र तथा आगामी नंदा राजजात (2026) और कुम्भ मेला (2027) के लिए केंद्रीय सहयोग की मांग की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था में लगभग डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। राज्य में देश की पहली योग नीति लागू की गई है और दो स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन भी स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व में देश को सुरक्षित, संगठित व आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ता हुआ बताया।

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