(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। डंडो व पत्थरों से हमला कर साधु की हत्या कर फरार हुए नेपाली मूल के आरोपी को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र में डंडे और पत्थर से हमला कर एक साधु को मौत के घाट उतार दिया गया था। वारदात को अंजाम देकर नेपाली मूल का व्यक्ति मौके से फरार हो गया।
साधु की हत्या की खबर से हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार की मध्यरात्रि की है। दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग के अंडरपास के ऊपर हाईवे के बीच एक बाबा पर नेपाली मूल के एक व्यक्ति ने डंडे और पत्थर से हमला बोल दिया।
ये देखते ही कुलदीप निवासी मोहनपुरा रूड़की, हाल दीनदयाल पार्किंग रोड़ी बेलवाला ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े करीब 45 वर्षीय साधु को जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन यहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। मृतक की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।
कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि मामले में रोड़ीबेलवाला चौकी प्रभारी नवीन सिंह चौहान की शिकायत पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा मृतक की शिनाख्त एवं आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
खुलासे के लिए गठित पुलिस टीमों द्वारा डिजिटल एवं मैनुअल पुलिसिंग की मदद से घटना से जुड़े तथ्य जुटाए तथा सूचनाकर्ता द्वारा बताये गये हुलिये के अनुसार हत्यारोपी की तलाश के लिए संभावित स्थलों पर तलाशी अभियान शुरु किया।
पूछताछ में श्रद्धालुओ एवं यात्रियो ने बताया कि हुलिया से मिलता जुलता व्यक्ति थोडी देर पहले गंगा सभा की अस्थायी पार्किंग की तरफ जाते हुये देखा है।
मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस टीम ने गंगा सभा की अस्थायी पार्किंग में उक्त संदिग्ध की तलाश शुरु की तो पार्किंग के अन्दर एक पेड के नीचे एक व्यक्ति सोता हुआ दिखाया दिया।
उठाने पर उक्त व्यक्ति पुलिस को देखकर सकपका गया और रोते हुए माफी मांगने लगा। व्यक्ति ने अपना नाम दीपक थापा बताते हुए जानकारी दी कि वह कुछ दिन पहले चण्डीगढ से हरिद्वार आया था
और रहने का कोई ठिकाना न होने पर पार्किंग में ही सो रहा था। कुछ दिन पहले सोने को लेकर हुए विवाद में चोट लगने पर वह बदला लेने की सोचने लगा।
बीती रात वह कनखल में एक शादी का काम करने के लिये गया था जहां नशा करने के बाद वह सोने के लिये पुल के नीचे सडक पर आया जहां मारपीट करने वाले व्यक्ति ने फिर गाली-गलौच शुरु कर दी।
गुस्से में दीपक ने पहले बांस के डंडे से और फिर जब डंडा टूट गया तो पास पड़े एक पत्थर से उसके मुंह पर मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्यारोपी दीपक थापा पुत्र रामबहादुर थापा निवासी-ग्राम पुरकोट तमगास अंचल लुम्बिनी नेपाल, उम्र-43 वर्ष का चालान कर दिया गया है।


























