(शहजाद अली हरिद्वार)उत्तराखंड के लेखपालों ने लंबे समय से चले आ रहे संसाधन संकट के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
उत्तराखंड लेखपाल संघ ने 27 से 29 मई 2025 तक प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार और धरना देने की घोषणा की है। यदि इस अवधि में सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो 29 मई को आगे की रणनीति तय करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है।
हरिद्वार समेत मैदानी जिलों में लेखपालों का कार्यभार बढ़ता जा रहा है। भूमि की खरीद-फरोख्त, खतौनी खातों की जटिलता, अंश निर्धारण, सीमांकन और रिपोर्टिंग जैसे कार्य वे सीमित संसाधनों में कर रहे हैं।
आंदोलन केवल लेखपालों का विरोध नहीं, बल्कि प्रदेश के राजस्व ढांचे की विश्वसनीयता का प्रश्न
फील्ड वर्क के लिए वाहन, कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट और कार्यालय सहायक जैसी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
प्रदेश महामंत्री ताराचंद्र घिल्डियाल ने कहा कि प्रशासन लेखपालों पर संसाधनों के बिना ही अतिरिक्त कार्यभार डाल रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता प्रभावित हो रही है।
लेखपालों की मांग है कि उन्हें आवश्यक तकनीकी उपकरण, यात्रा भत्ता और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाए।
लेखपालों ने लंबे समय से चले आ रहे संसाधन संकट के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया
यह आंदोलन केवल लेखपालों का विरोध नहीं, बल्कि प्रदेश के राजस्व ढांचे की विश्वसनीयता का प्रश्न है। यदि शासन ने चेतावनी को नजरअंदाज किया, तो इसका असर किसानों, आम जनता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी पड़ेगा।


























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