न्यूज़ फ्लैश
“सुमन नगर में सरकारी जमीन पर फिर नजर! वन भूमि और सिंचाई विभाग की संरक्षित पट्टी में अवैध रास्ता बनाने की कोशिश से हड़कंप” “उत्तराखण्ड में फर्जी आर्म्स लाइसेंस का सबसे बड़ा खुलासा! जाली आधार, नकली दस्तावेज और असली हथियारों का खतरनाक खेल बेनकाब, STF के रडार पर पूरा गैंग — 10 फर्जी लाइसेंसों से खरीदे गए असलहों ने उड़ाए होश!” “कुंभ 2027 की तैयारी में हरित क्रांति! विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘हरित हरिद्वार’ अभियान का महाअभियान, हजारों पौधों से सजेंगे घाट और सड़कें” “कांवड़ यात्रा और कुंभ-2027 से पहले हरिद्वार में हाई अलर्ट!डीएम मयूर दीक्षित पहुंचे निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर, बोले— 30 जून तक हर हाल में पूरा करें काम, नहीं चलेगी कोई ढिलाई!” “देहरादून में डीएम का बड़ा एक्शन: धीमी रफ्तार पर यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोका, 5 दिन में भूमिगत बिजली लाइन का काम पूरा करने का अल्टीमेटम!” “वायरल वीडियो ने पहुंचाया सलाखों तक! बीएचईएल रोड पर स्टंटबाजी और हुड़दंग करने वाले युवकों पर रानीपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, दो बाइक सीज”
Home » हड़ताल » 27 से 29 मई तक उत्तराखंड में लेखपालों का कार्य बहिष्कार: संसाधनों के अभाव में फूटा आक्रोश

27 से 29 मई तक उत्तराखंड में लेखपालों का कार्य बहिष्कार: संसाधनों के अभाव में फूटा आक्रोश

(शहजाद अली हरिद्वार)उत्तराखंड के लेखपालों ने लंबे समय से चले आ रहे संसाधन संकट के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

उत्तराखंड लेखपाल संघ ने 27 से 29 मई 2025 तक प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार और धरना देने की घोषणा की है। यदि इस अवधि में सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो 29 मई को आगे की रणनीति तय करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है।

हरिद्वार समेत मैदानी जिलों में लेखपालों का कार्यभार बढ़ता जा रहा है। भूमि की खरीद-फरोख्त, खतौनी खातों की जटिलता, अंश निर्धारण, सीमांकन और रिपोर्टिंग जैसे कार्य वे सीमित संसाधनों में कर रहे हैं।

आंदोलन केवल लेखपालों का विरोध नहीं, बल्कि प्रदेश के राजस्व ढांचे की विश्वसनीयता का प्रश्न

फील्ड वर्क के लिए वाहन, कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट और कार्यालय सहायक जैसी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।

प्रदेश महामंत्री ताराचंद्र घिल्डियाल ने कहा कि प्रशासन लेखपालों पर संसाधनों के बिना ही अतिरिक्त कार्यभार डाल रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता प्रभावित हो रही है।

लेखपालों की मांग है कि उन्हें आवश्यक तकनीकी उपकरण, यात्रा भत्ता और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाए।

लेखपालों ने लंबे समय से चले आ रहे संसाधन संकट के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया

यह आंदोलन केवल लेखपालों का विरोध नहीं, बल्कि प्रदेश के राजस्व ढांचे की विश्वसनीयता का प्रश्न है। यदि शासन ने चेतावनी को नजरअंदाज किया, तो इसका असर किसानों, आम जनता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी पड़ेगा।

667 Views
bahadrabadnews
Author: bahadrabadnews

क्या आप Bahadrabadnews" की खबरों से संतुष्ट हैं?

Our Visitor

4 6 3 0 1 4
Users Today : 742
Users Yesterday : 1287

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

“उत्तराखण्ड में फर्जी आर्म्स लाइसेंस का सबसे बड़ा खुलासा! जाली आधार, नकली दस्तावेज और असली हथियारों का खतरनाक खेल बेनकाब, STF के रडार पर पूरा गैंग — 10 फर्जी लाइसेंसों से खरीदे गए असलहों ने उड़ाए होश!”

क्या आप Bahadrabadnews" की खबरों से संतुष्ट हैं?

Our Visitor

4 6 3 0 1 4
Users Today : 742
Users Yesterday : 1287