न्यूज़ फ्लैश
“देवस्थल से गूंजा भारत का वैज्ञानिक स्वाभिमान: राज्यपाल गुरमीत सिंह बोले— एरीज बना आत्मनिर्भर भारत की अंतरिक्ष शक्ति का प्रतीक, विज्ञान को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान” “पीएम किसान की 23वीं किस्त का ऐलान: 20 जून को किसानों के खातों में आएंगे ₹2000, करोड़ों अन्नदाताओं को मिलेगी बड़ी राहत” “डीपीआरओ पर गिरी शासन की गाज: गंभीर शिकायतों के बाद पद से हटाए गए अतुल प्रताप सिंह, जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय समिति” “हरिद्वार में तीरंदाजी का महाकुंभ शुरू, 27 राज्यों के 700 से अधिक धनुर्धर मैदान में; विजेताओं को मिलेगा असली सोने का मेडल” “जनहित सर्वोपरि: दिशा समिति की बैठक में त्रिवेंद्र रावत ने अधिकारियों को दी चेतावनी, योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाना होगा” “योग की ओर बढ़ेंगे कदम, स्वस्थ भारत का होगा संकल्प: हरिद्वार में आयुष मंत्री मदन कौशिक के नेतृत्व में कल गूंजेगा “रन फॉर योग” अभियान”
Home » निर्देश » “हर बच्चे को शिक्षा का हक़: उत्तराखंड में RTE लागू करने को लेकर सख्त निर्देश” डॉ. धन सिंह रावत

“हर बच्चे को शिक्षा का हक़: उत्तराखंड में RTE लागू करने को लेकर सख्त निर्देश” डॉ. धन सिंह रावत

(शहजाद अली हरिद्वार) उत्तराखंड।कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक उनके शासकीय आवास पर आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने अधिनियम के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश दिए।मंत्री ने स्पष्ट किया कि आरटीई अधिनियम के तहत प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है, और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रदेश का कोई भी जरूरतमंद बच्चा इस अधिकार से वंचित न रह जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में इस अधिनियम को अक्षरशः लागू किया जाए।बैठक में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि जिन विद्यालयों द्वारा आरटीई के प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अधिनियम का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर जुर्माना लगाने से लेकर मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।इस पहल का उद्देश्य राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा समाज के कमजोर वर्गों को समान शैक्षणिक अवसर प्रदान करना है। मंत्री ने यह भी कहा कि विभागीय अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि विद्यालयों में बच्चों को सभी सुविधाएं – जैसे किताबें, ड्रेस, मिड-डे मील आदि – समय पर मिल रही हैं।

यह बैठक प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, जवाबदेह और न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

361 Views
bahadrabadnews
Author: bahadrabadnews

[democracy id="1"]

Our Visitor

4 7 5 6 0 7
Users Today : 416
Users Yesterday : 718

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

4 7 5 6 0 7
Users Today : 416
Users Yesterday : 718