(शहजाद अली हरिद्वार) हरिद्वार। हरिद्वार में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला कार्यालय सभागार में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलेभर से पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।
कार्यक्रम के दौरान कुल 72 शिकायतें और समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 38 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण के लिए भेज दिया गया।
जनसुनवाई कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाकर उनका त्वरित समाधान करना है। इसी क्रम में आयोजित कार्यक्रम में राजस्व, भूमि विवाद, जलभराव,
सड़क क्षति, अतिक्रमण, पेयजल, विद्युत, ध्वनि प्रदूषण तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित अनेक शिकायतें सामने आईं। जिलाधिकारी ने एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में रोहालकी किशनपुर निवासी पंकज, यशवंत और राजेश कुमार ने ग्राम सभा की भूमि पर फैले कूड़े-कचरे को हटाने की मांग उठाई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि लंबे समय से ग्राम सभा की जमीन पर कचरा डाला जा रहा है,
जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शशि नामक महिला ने गुलाबी राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
इसके अलावा पथरी रेलवे स्टेशन सैनिक कॉलोनी निवासी प्रवीण शर्मा ने क्षेत्र में स्थित एक स्लीपर कंपनी के कारण उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण और धूल-मिट्टी की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दिन-रात भारी ट्रक और डंपर चलने से स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
वत्स ग्राम अत्मलपुर बौंगला निवासी नरेश कुमार शर्मा ने अपनी भूमि की पैमाइश कराने की मांग रखी। उनका कहना था कि मौके पर उनकी भूमि कम हो रही है,
जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं संजो देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत कराने की मांग जिलाधिकारी के सामने रखी।
ग्राम पंचायत सजनपुर पीली की ग्राम प्रधान रूबी देवी ने मस्जिद से ध्रुव चैरिटेबल हॉस्पिटल तक पुरानी हरिद्वारी सड़क के दोनों ओर फैली झाड़ियों और गंदगी की सफाई कराने की मांग की।
इसके अलावा हाईवे ग्रीन निवासी रितेश सिंह ने रामानंद कॉलेज से इक्कर पटरी मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर शिकायत की। उन्होंने बताया कि सड़क खराब होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
वहीं राजकुमार चौहान ने अत्मलपुर बौंगला और रोहालकी क्षेत्र में जलभराव की समस्या से करीब 1000 बीघा भूमि बेकार होने की जानकारी देते हुए स्थायी समाधान की मांग उठाई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, वहां अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी कहा कि जो शिकायतें बार-बार जनसुनवाई में पहुंच रही हैं, उन्हें गंभीरता से लिया जाए और संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई शिकायतकर्ता दोबारा उसी समस्या को लेकर जनसुनवाई में आता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनता को त्वरित राहत देना है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि कई विभागों में 36 दिन से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं।
जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जानकारी के अनुसार एल-1 स्तर पर 557 और एल-2 स्तर पर 134 शिकायतें लंबित हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से फोन पर संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का निस्तारण संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ किया जाए ताकि आम जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो सके। जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



























