(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 12 सितंबर 2025।2027 के महाकुंभ को दिव्य और भव्य स्वरूप में आयोजित करने की दिशा में तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं।
इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचकर कुंभ मेला क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्यों की प्रगति जानी और अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सबसे पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि कुछ घाटों पर अभी रेलिंग नहीं लगी है।
इस पर उन्होंने मेलाधिकारी और कार्यदाई संस्थाओं को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए जहां भी रेलिंग नहीं लगी है, वहां शीघ्र ही रेलिंग का कार्य पूर्ण किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने गौरी शंकर द्वीप, नमामि गंगे चंडी घाट, मोक्ष घाट, बैरागी कैंप, दक्ष द्वीप, पंतद्वीप और हरकी पैड़ी से मालवीय द्वीप तक विभिन्न स्थलों का जायज़ा लिया।
उन्होंने सीसीआर मेला कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने नजीबाबाद हाईवे पर प्रस्तावित गौरी पार्किंग स्थल में मल्टी मॉडल हब निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। साथ ही, चंडी देवी मंदिर तक रोपवे निर्माण की योजना,
नीलधारा क्षेत्र में सांस्कृतिक हब और लेजर शो की तैयारियों, बैरागी कैम्प क्षेत्र में अखाड़ों के कैंपिंग स्थल, दक्षद्वीप क्षेत्र में नए घाटों के निर्माण कार्य और मायापुर स्कैप चैनल विस्तार की योजनाओं की भी समीक्षा की।
उन्होंने आईरीस सेतु से श्री यंत्र मंदिर तक मार्ग सुदृढ़ीकरण, मातृ सदन तक सड़क निर्माण, नक्षत्र वाटिका क्षेत्र में कैनाल फ्रंट डेवलपमेंट, पार्किंग एरिया, लैंडस्केपिंग, पैदल पुल निर्माण जैसी योजनाओं का भी निरीक्षण किया।
इसके अलावा कनखल क्षेत्र में अतिरिक्त स्थाई पुल निर्माण, खड़खड़ी श्मशान घाट को चमगाद्ध टापू से जोड़ने वाले सेतु और झंडा चौक कनखल के चौड़ीकरण कार्य की भी समीक्षा की।
मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट प्राथमिकता है कि 2027 का कुंभ मेले का आयोजन दिव्य और भव्य स्वरूप में किया जाए।
इसके लिए जो भी स्थाई और अस्थाई निर्माण कार्य, घाटों का विस्तार, सड़क और पुल निर्माण, यातायात प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित कार्य किए जाने हैं,
उन्हें दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को समयबद्धता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
जनपद आगमन पर मेलाधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्य सचिव का स्वागत किया और आश्वासन दिया कि उनके सभी दिशा-निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह, प्रमुख अभियंता सिंचाई सुभाष चंद पांडे, मुख्य अभियंता चंद्रशेखर सिंह, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती सहित बड़ी संख्या में संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव का यह निरीक्षण कुंभ की तैयारियों की गंभीरता को दर्शाता है।
स्पष्ट है कि राज्य सरकार और प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और दिव्य अनुभव देने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं




































