(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 18 जुलाई 2025 जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आज जिला कार्यालय स्थित विभिन्न विभागों एवं पटलों का औचक निरीक्षण किया और कार्य संस्कृति में सुधार, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कुछ कर्मचारी बिना अनुमति के अनुपस्थित थे, जिस पर उन्होंने संबंधित कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
वहीं, भूमि अध्यापित कार्यालय में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे अमीन की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कार्यालय में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी कर्मचारियों को बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने ई–ऑफिस प्रणाली के माध्यम से पत्रावलियों के संचरण पर विशेष जोर देते हुए केवल विशेष परिस्थितियों में ही ऑफलाइन दस्तावेज स्वीकार करने की बात कही।
अन्य प्रमुख निर्देशों में शामिल हैं:
- चकबंदी व खतौनी कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश।
- आम जनता की समस्याओं का तत्परता से निस्तारण सुनिश्चित करने की बात।
- सभी पटल सहायकों और कर्मचारियों के लिए आईडी कार्ड एवं नेम प्लेट अनिवार्य रूप से निर्गत करने के निर्देश।
- पुरानी अलमारियां, मशीनें और फर्नीचर निष्प्रयोज्य घोषित करने हेतु समिति गठित करने का आदेश।
- हर 15 दिन में पटल निरीक्षण की जिम्मेदारी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी आशीष वर्मा को सौंपी गई।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी दीपेन्द्र सिंह नेगी, फिंचाराम चौहान, सुदेश कुमार, आशीष वर्मा व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यह कदम न केवल सरकारी कार्यालयों की कार्यकुशलता बढ़ाने में सहायक होगा बल्कि आम जनता के प्रति प्रशासन की जवाबदेही को भी सुदृढ़ करेगा।


























