न्यूज़ फ्लैश
“हरियाली तीज के उल्लास संग गूंजा देशभक्ति का रंग, इमैक की महिलाओं ने सजाया यादगार महोत्सव” “समुद्र मंथन की भव्य थीम से सजेगा कुंभ का स्वागत द्वार, मंडावर से दिखेगी देवभूमि की दिव्य-सांस्कृतिक झलक” “कुंभ 2027 की तैयारियों में तेजी: पेयजल योजनाओं का दयानंद सरस्वती ने लिया जायजा, अफसरों को दिए सख्त निर्देश” “भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड का दमदार दबदबा, तीरथ रावत बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष—बलूनी समेत चार दिग्गजों को मिली बड़ी जिम्मेदारी” “रक्तदान की आड़ में खून का काला कारोबार! लक्सर पुलिस का बड़ा एक्शन, 27 यूनिट रक्त और ब्लड कलेक्शन उपकरण बरामद—5 आरोपी गिरफ्तार” “टनल हादसे पर आयुक्त सख्त, रेस्क्यू में तेजी के साथ श्रमिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता”
Home » अभियान » “जंगल से जंग खत्म करने का धामी सरकार का महाअभियान हर जनपद में वन्यजीव नसबंदी केंद्र, सोलर फेंसिंग–सेंसर अलर्ट से गांव होंगे सुरक्षित, रेस्क्यू सेंटर खुलेंगे, रेंजरों को मिलेंगे विशेष अधिकार, वन विभाग को ₹5 करोड़ का सुरक्षा कवच”

“जंगल से जंग खत्म करने का धामी सरकार का महाअभियान हर जनपद में वन्यजीव नसबंदी केंद्र, सोलर फेंसिंग–सेंसर अलर्ट से गांव होंगे सुरक्षित, रेस्क्यू सेंटर खुलेंगे, रेंजरों को मिलेंगे विशेष अधिकार, वन विभाग को ₹5 करोड़ का सुरक्षा कवच”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून । राज्य में मानव वन्य जीव संघर्ष के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस चुनौती से निपटने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की घोषणा की है। जिसके तहत सोलर फेंसिग एवं सेंसर बेस्ड अलर्ट सिस्टम स्थापित किया जाएगा। साथ ही आधुनिक वन्यजीव बंध्याकरण (नसबन्दी) केन्द्र एवं जिलों में रिहैबीलीटेशन सेण्टर खोले जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य में मानव जीवन संघर्ष के कई मामले सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड राज्य के उन क्षेत्रों में जहाँ वन्य जीव जैसे हाथी, नीलगाय, भालू, गुलदार एवं बंदर आदि के द्वारा कृषि एवं उद्यान फसलों, भौतिक अवस्थापनाओं, मानव जीवन आदि की क्षति की जाती है, वहाँ चरणवार एवं योजनाबद्ध रूप में सोलर फेंसिग एवं सेंसर बेस्ड अलर्ट सिस्टम से सुरक्षा तंत्र विकसित कर मानव वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीव लंगूर, बन्दर, सुअर, भालू आदि के जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रत्येक जनपद में वन विभाग के अंतर्गत आधुनिक वन्यजीव बंध्याकरण (नसबन्दी) केन्द्र की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश के समस्त जनपदों में मानव, वन्य जीव संघर्ष में चिन्हित वन्य जीवों के रेस्क्यू व रिहैबीलीटेशन सेण्टर खोले जायेंगे। इस हेतु पर्वतीय वन क्षेत्र में न्यूनतम 10 नाली व मैदानी वन क्षेत्र में न्यूनतम 1 एकड़ भूमि आरक्षित की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपरोक्त सभी कार्यों की आवश्यकता को देखते हुए इन्हें शीर्ष प्राथमिकता से किया जाएगा एवं 2 सप्ताह की अवधि में उक्त योजनाओं को क्रियान्वित करने की रणनीति प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा इसके लिए वन विभाग को जाल, पिंजरा, ट्रेकुलाईजेशन गन आदि संसाधन की उपलब्धता के लिए ₹ 5 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी रोकथाम हेतु केन्द्रीय वन्य जीव अधिनियम के सुसंगत प्राविधानों में हिंसक जीवों को निषिद्ध करने हेतु अधिकारों के विकेन्द्रीकरण कर वन विभाग के रेंजर स्तर के अधिकारियों को सशक्त बनाया जाएगा। इस हेतु नियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से भी गतदिवस वार्ता हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

5 3 5 4 9 2
Users Today : 37
Users Yesterday : 523
[democracy id="1"]

Our Visitor

5 3 5 4 9 2
Users Today : 37
Users Yesterday : 523