
“111 वर्षीय देवीलाल जी: अंग्रेज़ी हुकूमत से आज़ाद भारत तक ग्राम सुरक्षा के प्रहरी, पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस पर किया सम्मानित — गुलामी के दौर की यादें साझा कर बोले, ‘आज़ादी की क़ीमत वही जानता है जिसने ग़ुलामी देखी हो’”
(शहजाद अली हरिद्वार)मंगलौर। यह उम्र केवल वर्षों का आंकड़ा नहीं, बल्कि समर्पण, निष्ठा और त्याग की अमूल्य गाथा है। कुंवाहेड़ी गाँव कोतवाली मंगलौर, गुरुकुल नारसन चौकी क्षेत्र के निवासी देवीलाल ने कठिन परिस्थितियों, बदलते समय और सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और सतर्कता के साथ निभाया। दिन हो या रात, वर्षा




























