(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने गुणवत्ता प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। SDRF उत्तराखंड को ISO 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। इसके साथ ही SDRF उत्तराखंड देश का पहला ऐसा आपदा प्रतिवादन बल बन गया है, जिसे यह प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि बल की कार्यकुशलता, अनुशासन, पारदर्शी कार्यप्रणाली और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) के प्रभावी अनुपालन को दर्शाती है। प्रमाणन से आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में गुणवत्ता, जवाबदेही और निरंतर सुधार की दिशा में बल के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।
आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में भूकंप, भूस्खलन, अतिवृष्टि, बादल फटने, बाढ़, हिमस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपात परिस्थितियों में SDRF की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। प्रदेशभर में तैनात 40 से अधिक टीमें 24 घंटे राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहती हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद बल के जवान प्रभावित लोगों तक पहुंचकर बचाव अभियान संचालित करते हैं।
23 से 25 सितंबर तक हुआ द्वितीय ऑडिट, 8 अक्टूबर को मिला प्रमाणपत्र
ISO 9001:2015 प्रमाणन की प्रक्रिया के अंतर्गत 23 से 25 सितंबर 2026 तक SDRF वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा द्वितीय ऑडिट किया गया। इस दौरान BIS के पूर्व वैज्ञानिक ‘G’ एवं उप महानिदेशक विष्णु गुप्ता ने सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी की उपस्थिति में विभिन्न शाखाओं और कार्यप्रणालियों का निरीक्षण किया।
ऑडिट के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, प्रशिक्षण प्रणाली, संसाधनों के प्रबंधन, अभिलेखों के रखरखाव, गुणवत्ता प्रबंधन और मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुपालन का मूल्यांकन किया गया। कार्यप्रणाली की व्यवस्थित व्यवस्था और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन का परीक्षण करने के बाद 8 अक्टूबर 2026 को SDRF उत्तराखंड को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही होगी मजबूत
ISO प्रमाणन से SDRF की आंतरिक कार्यप्रणाली को और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। इसके तहत कार्यों का मानकीकरण, दस्तावेजों का सुव्यवस्थित रखरखाव, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण और कार्यों की नियमित समीक्षा जैसे पहलुओं को मजबूती मिलेगी।
इसके साथ ही प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार, उपकरणों के रखरखाव, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और रेस्क्यू अभियानों की तैयारियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। कार्यों के दौरान सामने आने वाली कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार व्यवस्थाओं में सुधार करने की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
चारधाम यात्रा और साहसिक पर्यटन में अहम भूमिका
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा, धार्मिक आयोजनों और साहसिक पर्यटन के दौरान SDRF की जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। चारधाम यात्रा के दुर्गम पैदल मार्गों, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने, नदी-नालों में खोज एवं बचाव, सड़क दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बल की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियों के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए SDRF की तत्परता आवश्यक है। ऐसे अभियानों में प्रशिक्षित कार्मिकों, आधुनिक उपकरणों, प्रभावी संसाधन प्रबंधन और विभिन्न संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की अहम भूमिका रहती है। गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का प्रमाणन इन व्यवस्थाओं को अधिक संगठित और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने SDRF उत्तराखंड को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र मिलने पर बल के अधिकारियों और जवानों को बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह बल की कार्यकुशलता, अनुशासन और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि SDRF भविष्य में भी तत्परता, समर्पण और सेवाभाव के साथ कार्य करते हुए आपदा प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मजबूत हो रही व्यवस्था
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और पुलिस महानिरीक्षक SDRF योगेंद्र सिंह रावत के मार्गदर्शन तथा सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में बल की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्था, संसाधन प्रबंधन और बचाव प्रक्रियाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने, प्रशिक्षण को बेहतर बनाने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
SDRF उत्तराखंड को मिला ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र केवल एक औपचारिक उपलब्धि नहीं, बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और निरंतर सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे राहत एवं बचाव अभियानों की तैयारियों को बेहतर बनाने और प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है। यह उपलब्धि आपदा के समय आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बल की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।








































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