(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के भाईचारा चौक के पास स्थित विनायक हॉस्पिटल में एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतका की बेटी अंजलि ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मां के साथ लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनकी जान चली गई।
अंजलि के अनुसार, उनकी मां को हल्की ब्लीडिंग की शिकायत के बाद विनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने दो दिन में ठीक करने का भरोसा दिया था, लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी उन्हें सैंपल और जांच रिपोर्ट के नाम पर इंतजार कराया जाता रहा। आरोप है कि बार-बार छुट्टी देने की मांग करने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने महिला को डिस्चार्ज नहीं किया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि सुबह अचानक महिला की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें गलत इंजेक्शन लगाया और ऑक्सीजन हटा दी।
इसके बाद कथित तौर पर बिना परिजनों को जानकारी दिए और एंबुलेंस की व्यवस्था किए बिना महिला को ई-रिक्शा से भेज दिया गया। परिजनों का दावा है कि इसी दौरान दम घुटने से महिला की मौत हो गई।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। मृतका के परिजनों ने पुलिस पर भी बदसलूकी करने और जबरन शव ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
मामले में परिजनों ने संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हालांकि, महिला की मौत के वास्तविक कारणों और इलाज में लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।








































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