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BIG BREAKING:: हरिद्वार में गजब खेल! नदी बनी दवाइयों का डस्टबिन, एक्सपायरी दवाएं फेंककर कंपनी गायब, जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई अब तक ‘एक्सपायर’!

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। शहर में लोगों की सेहत और पर्यावरण से खिलवाड़ का मामला सामने आने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। सिडकुल क्षेत्र में पेंटागन मॉल के पीछे सूखी रो नदी में एक्सपायर दवाइयां और कंपनी के रैपर मिलने के मामले में दो दिन बीतने के बाद भी ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

नदी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में एक्सपायर दवाइयां खुले में फेंके जाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका है। दवाइयों में मौजूद रासायनिक तत्व मिट्टी और जलस्रोतों को दूषित कर सकते हैं। इसका असर मानव स्वास्थ्य और आसपास के पर्यावरण पर भी पड़ सकता है। नियमों के मुताबिक, एक्सपायर दवाइयों का सुरक्षित निस्तारण करना संबंधित कंपनी की जिम्मेदारी है।

मामले की सूचना मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, मौके पर एक्सपायर दवाइयां और कंपनी के रैपर मिले हैं। नियमों का उल्लंघन साबित होने पर जुर्माना लगाने, लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने और कंपनी बंद कराने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब खुले में दवा कचरा मिलने का मामला अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका है, तो अब तक कार्रवाई का ठोस परिणाम सामने क्यों नहीं आया? क्या जिम्मेदार कंपनी की जवाबदेही तय होगी या मामला जांच और चेतावनी तक ही सीमित रह जाएगा?

स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और दवा कचरे का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग की है।

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