(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य में संचालित म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
STF ने 15 संदिग्ध म्यूल खातों पर कानूनी कार्रवाई की है, जबकि 80 से अधिक खातों का सत्यापन किया जा चुका है। इसके साथ ही करीब 2200 संदिग्ध खातों को चिन्हित कर उनकी जांच जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF अजय सिंह के निर्देशन में गठित 12 टीमों द्वारा साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है।
जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्य, बैंक अभिलेख और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर यह सामने आया कि कई खातों का उपयोग साइबर अपराधी ठगी की रकम को प्राप्त करने, ट्रांसफर करने और छिपाने के लिए कर रहे थे।
National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) और Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) से प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण में एक खाते में ही लगभग 1.53 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़ी 28 शिकायतें मिली हैं। अन्य खातों में भी लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं।
इस मामले में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा अपराध संख्या 26/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2) एवं IT एक्ट की धारा 66(D) में अभियोग दर्ज किया गया है।
जांच के दौरान एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ, जो लोगों को कमीशन, नौकरी या किराये के लालच में उनके बैंक खाते खरीदता था और फिर उन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए करता था।
पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े दो मुख्य एजेंटों—दानिश अंसारी (29) और अंकित एन्थोनी (32) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
उनके पास से 2 मोबाइल फोन, 3 बैंक पासबुक और 4 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है, वहीं कई खाताधारकों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
STF की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोग लालच में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और नेट बैंकिंग डिटेल्स अपराधियों को सौंप देते हैं, जो बाद में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का कारण बनता है।
STF ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता या KYC जानकारी न दें, सोशल मीडिया या कॉल के जरिए मिलने वाले लालच से बचें और संदिग्ध लेनदेन की तुरंत सूचना बैंक या पुलिस को दें।
किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर दर्ज कराई जा सकती है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


























