(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी वंदना कटारिया के चेचरे भाई एवं रोशनाबाद निवासी राजबीर सिंह कटारिया को भीम आर्मी जय भीम संगठन की अनुशासन समिति का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठन की ओर से मिली इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के बाद समर्थकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने राजबीर सिंह कटारिया को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
राजबीर सिंह कटारिया लंबे समय से सामाजिक सेवा से जुड़े हुए हैं और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। लोगों के बीच उनकी सक्रियता और सामाजिक स्तर पर संपर्क को देखते हुए संगठन की ओर से उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन में उनके समर्थकों में भी उत्साह देखने को मिला।
अनुशासन समिति किसी भी संगठन की आंतरिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। समिति का कार्य संगठन द्वारा निर्धारित नियमों और आचार-संहिता के पालन को सुनिश्चित करना, अनुशासन से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करना और संबंधित पक्षों से जानकारी प्राप्त करना होता है। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुसार संगठन के नियमों के अनुरूप कार्रवाई के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी भी समिति की होती है।
राजबीर सिंह कटारिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब वह संगठन की अनुशासन समिति की गतिविधियों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विभिन्न स्तरों से सामने आने वाले अनुशासन संबंधी मामलों की जानकारी और निगरानी के साथ-साथ संगठनात्मक स्तर पर समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी भी उनके दायित्वों में शामिल रहेगी।
संगठन की अनुशासन समिति पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी सहयोग करती है। ऐसे में राजबीर सिंह कटारिया की नई जिम्मेदारी को संगठन की आंतरिक व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजबीर सिंह कटारिया की नियुक्ति की जानकारी भीम आर्मी जय भीम संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता अंकुर शेरवाल ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से साझा की है। जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर उन्हें शुभकामनाएं देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया।
राजबीर सिंह कटारिया ने संगठन की ओर से दी गई जिम्मेदारी को लेकर सामाजिक कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही है। उनकी नियुक्ति के बाद समर्थकों को उम्मीद है कि वह संगठन की अनुशासन व्यवस्था को बेहतर बनाने और पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।








































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