न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: हरिद्वार में परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन! सड़कों पर उतरी चेकिंग टीम, 120 वाहनों के चालान और 35 सीज, नियम तोड़ने वालों में मचा हड़कंप BIG BREAKING:: गन्ना सुरक्षण आदेश जारी होते ही हरिद्वार के किसानों में खुशी की लहर, गन्ना मंत्री का जताया दिल खोलकर आभार! BIG BREAKING:: किसानों के खातों में बरसी सम्मान निधि की सौगात! पीएम मोदी ने जारी की 24वीं किस्त, उत्तराखंड के 8 लाख से ज्यादा किसानों को मिले 161.96 करोड़ रुपये, सीएम धामी ने जताया आभार BIG BREAKING:: कुंभ-2027 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार! गंगा घाटों का होगा कायाकल्प, पुलों से लेकर संपर्क मार्गों तक चमकेगी हरिद्वार की तस्वीर, मेलाधिकारी सोनिका ने किया स्थलीय निरीक्षण BIG BREAKING:: राज्यपाल से मिले डीजीपी दीपम सेठ, कुंभ-2027 और विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस तैयारियों पर हुई अहम चर्चा BIG BREAKING:: चुनाव-2027 को लेकर हरिद्वार प्रशासन अलर्ट, DM ने 29 व्यवस्थाओं के लिए तैनात किए नोडल अधिकारी
Home » मानवता » Roorkee”हादसे के बाद फरिश्ता बने मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल, घायल रेहड़ी संचालक को खुद अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान”

Roorkee”हादसे के बाद फरिश्ता बने मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल, घायल रेहड़ी संचालक को खुद अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान”

(शहजाद अली हरिद्वार)रुड़की। बीती देर शाम रुड़की के डबल फाटक क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक स्विफ्ट कार की टक्कर से रेहड़ी संचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही रुड़की मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बिना समय गंवाए घायल को अपनी गाड़ी से उपचार के लिए विनय विशाल हॉस्पिटल पहुंचाया।

ललित मोहन अग्रवाल ने अस्पताल में घायल के समुचित उपचार की व्यवस्था कराई तथा घटना की सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को देकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि समय पर घायल को अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो उसकी स्थिति और गंभीर हो सकती थी। ऐसे कठिन समय में मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल द्वारा दिखाई गई तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय सेवा भावना की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की।

उनकी त्वरित पहल से घायल व्यक्ति का समय पर उपचार शुरू हो सका, जिससे एक बार फिर यह साबित हुआ कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों के साथ खड़े रहना भी है।

ALSO READ  "भीड़ में बिछड़ा मासूम, टूट चुकी थी परिजनों की उम्मीद, हरिद्वार पुलिस की तत्परता और मानवता ने रचा खुशियों का पल, मां की सूनी गोद फिर से हुई आबाद"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

6 0 0 9 6 3
Users Today : 123
Users Yesterday : 731
[democracy id="1"]

Our Visitor

6 0 0 9 6 3
Users Today : 123
Users Yesterday : 731