(शहजाद अली हरिद्वार)पथरी/हरिद्वार। उत्तराखंड की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के प्रभावशाली नेता हाजी इरशाद अंसारी ने कांग्रेस का साथ छोड़कर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का दामन थाम लिया है। रविवार को गांव नसीरपुर कला स्थित उनके आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में बसपा प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने संकेत दिए कि पार्टी हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट से हाजी इरशाद अंसारी को चुनाव मैदान में उतारने पर गंभीरता से विचार कर रही है। हालांकि अभी पार्टी की ओर से प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है।
सदस्यता कार्यक्रम में जुटी बड़ी संख्या में भीड़
नसीरपुर कला में आयोजित सदस्यता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ता, ग्रामीण और हाजी इरशाद अंसारी के समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बसपा नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया और बसपा के समर्थन में नारे भी लगाए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना था कि हाजी इरशाद अंसारी के बसपा में आने से हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।
हरिद्वार ग्रामीण में बदल सकते हैं चुनावी समीकरण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट पर हाजी इरशाद अंसारी के बसपा में शामिल होने से चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। अब तक मुख्य मुकाबला दो प्रमुख दलों के बीच माना जाता रहा है, लेकिन बसपा यदि हाजी इरशाद अंसारी को उम्मीदवार बनाती है तो मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना बढ़ जाएगी। क्षेत्र में उनकी सामाजिक और राजनीतिक पकड़ को देखते हुए बसपा इस सीट पर मजबूत दावेदारी पेश करने की रणनीति बना रही है।
बसपा की रणनीति पर प्रदेश अध्यक्ष का सं तत्वकेत
बसपा प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि पार्टी संगठन लगातार मजबूत किया जा रहा है और ऐसे नेताओं को पार्टी से जोड़ा जा रहा है जिनकी जनता के बीच अच्छी पकड़ है। उन्होंने कहा कि हाजी इरशाद अंसारी जैसे अनुभवी नेता के बसपा में आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टिकट पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा, लेकिन हरिद्वार ग्रामीण सीट को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा स्थानीय स्तर पर मजबूत चेहरों को आगे लाकर मुस्लिम और दलित वोट बैंक को एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में हाजी इरशाद अंसारी का पार्टी में शामिल होना इस रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
बसपा की सदस्यता लेने के बाद हाजी इरशाद अंसारी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मुस्लिम समाज का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय मुस्लिम समाज को याद किया जाता है, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद समाज की समस्याओं और विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों में कांग्रेस ने मुस्लिम समाज के सम्मान और विकास के लिए अपेक्षित कार्य नहीं किए। इसी कारण उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लिया और बसपा की विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं।
मायावती की नीतियों पर जताया भरोसा
हाजी इरशाद अंसारी ने कहा कि बसपा सुप्रीमो बहन मायावती ऐसी नेता हैं जो बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों और समाज को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने कहा कि बसपा सामाजिक न्याय और सम्मान की राजनीति करती है और यही सोच उन्हें पार्टी में लेकर आई है।
उन्होंने कहा कि यदि जनता का आशीर्वाद मिला तो वह सर्व समाज को साथ लेकर क्षेत्र के विकास, शिक्षा, रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करेंगे। उनका उद्देश्य किसी एक वर्ग नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र का विकास करना होगा।
सैकड़ों समर्थकों ने भी थामा बसपा का दामन
कार्यक्रम के दौरान हाजी इरशाद अंसारी के साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थकों ने भी बसपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर मुकर्रम हासिम, शानू अंसारी, मुंशी शकील, मोहम्मद सलीम, दीप चंद, फुरकान ठेकेदार, जाहिद अली, इरफान, जुलकर अंसारी, मांगा हसन सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
बसपा नेताओं ने दावा किया कि आने वाले दिनों में क्षेत्र के कई अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। फिलहाल हाजी इरशाद अंसारी की बसपा में एंट्री ने हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा की राजनीति को नई दिशा दे दी है। अब सभी की निगाहें बसपा की आधिकारिक प्रत्याशी सूची पर टिकी हैं कि पार्टी इस सीट से किसे चुनावी मैदान में उतारती है। यदि हाजी इरशाद अंसारी को टिकट मिलता है तो हरिद्वार ग्रामीण सीट पर मुकाबला पहले से कहीं अधिक रोचक और कांटे का होने की संभावना है।




































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